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पीबीएम में भर्ती पिता के लिए मन्नत मांगने जा रहे परिवार पर टूटा कहर: कोडमदेसर मार्ग पर बाइक की टक्कर से 2 की मौत; मोर्चरी पर धरना, रेजिडेंट्स की हड़ताल से पीबीएम में तनाव

India-1stNews



​— मन्नत की राह में मातम: अस्पताल में भर्ती श्याम सुंदर के भले के लिए पैदल जा रहा था परिवार; गांधी प्याऊ के पास स्टंटबाज बाइक सवार ने मारी टक्कर, फूफा घनश्याम दास और बाइक सवार मिहिर की मौत।

ट्रॉमा सेंटर में भारी बवाल: दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद डॉक्टरों से अभद्रता; सुरक्षा की मांग को लेकर रेजिडेंट्स ने रोका काम, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर संभाली स्थिति।

मोर्चरी के बाहर फूटा गुस्सा: मुआवजा, आश्रित को नौकरी और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों का धरना; समझाइश में जुटे प्रशासनिक अधिकारी।

बीकानेर, 22 जून (सोमवार)। बीकानेर के कोडमदेसर मार्ग पर रविवार देर रात करीब 9:30 बजे एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पीबीएम अस्पताल के एसएसबी (SSB) सेंटर में गंभीर हालत में भर्ती अपने पिता के जल्द स्वस्थ होने की मन्नत लेकर पैदल कोडमदेसर भैरव मंदिर जा रहा एक परिवार इस भीषण एक्सीडेंट का शिकार हो गया।

​गांधी प्याऊ (अमर बकरा बाड़े के पास) तेज रफ्तार और स्टंटबाजी के चक्कर में एक बाइक सवार ने पैदल चल रहे इस परिवार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में परिवार के मुखिया सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन बेटियां-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर से लेकर मोर्चरी तक सोमवार को भारी तनाव और हंगामा देखने को मिला।

मंदिर से डेढ़ किलोमीटर पहले हुआ हादसा; दो की थमीं सांसें

​मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती श्याम सुंदर उपाध्याय के स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए उनकी बेटियां स्वाति (29 वर्ष), महक (22 वर्ष), पुत्र चिराग (12 वर्ष), फूफा घनश्याम दास (60 वर्ष) और रिश्तेदार सोनू (20 वर्ष) पैदल ही कोडमदेसर मंदिर जा रहे थे। मंदिर से महज डेढ़ किलोमीटर पहले पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने नियंत्रण खो दिया और पैदल यात्रियों को रौंद दिया।

  • मौके पर ही मौत: टक्कर इतनी भीषण थी कि परिवार के फूफा घनश्याम दास (60) की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं, बाइक चला रहे युवक मिहिर महात्मा (निवासी— रानी बाजार) ने भी सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया।
  • तीन गंभीर घायल: हादसे में स्वाति, महक और सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लहूलुहान हालत में पीबीएम के ट्रॉमा सेंटर लाया गया। वहीं, 12 वर्षीय मासूम चिराग को मामूली चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार युवक सड़क पर स्टंटबाजी कर रहा था, जिसके चलते यह भयावह कांड हुआ।

ट्रॉमा सेंटर में हंगामा, सुरक्षा को लेकर रेजिडेंट्स ने बंद किया काम

​हादसे के बाद देर रात पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। अस्पताल पहुंचे दोनों पक्षों के परिजनों के बीच आपस में तीखी कहासुनी और गाली-गलौज हो गई। इस दौरान माहौल इतना बिगड़ा कि बाइक सवार मृतक के परिजनों द्वारा ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा स्टाफ और रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार व धक्का-मुक्की कर दी गई।

​अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ हुई इस बदसलूकी के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा की मांग को लेकर कुछ समय के लिए काम पूरी तरह बंद कर दिया। देर रात डॉक्टरों की हड़ताल से हड़कंप मच गया और गंभीर मरीजों का इलाज अटक गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उपद्रव कर रहे लोगों पर हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) कर खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। बाद में प्रशासन और रेजिडेंट्स के बीच हुई वार्ता के बाद चिकित्सा सेवाएं दोबारा बहाल की जा सकीं।

मुआवजे की मांग को लेकर मोर्चरी के बाहर धरना, शव उठाने से इंकार

​सोमवार सुबह होते ही हादसे का शिकार हुए उपाध्याय परिवार के रिश्तेदारों और समाज के लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। मृतक घनश्याम दास के परिजनों ने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है और शव का पोस्टमार्टम करवाने व उसे उठाने से साफ इंकार कर दिया।

​धरने पर बैठे लोगों की मुख्य मांगें हैं कि:

  1. ​मृतक के आश्रित परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर सरकारी नौकरी दी जाए।
  2. ​पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा एवं घायलों के मुफ्त इलाज की पूरी व्यवस्था हो।
  3. ​स्टंटबाजी और लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त सजा दिलाई जाए।

​परिजनों का साफ कहना है कि जब तक जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर आकर उनकी मांगों पर लिखित में सकारात्मक कार्रवाई नहीं करते, तब तक वे शव को मोर्चरी से नहीं उठाएंगे। फिलहाल मौके पर बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटे हुए हैं और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी परिजनों से समझाइश कर धरना समाप्त कराने के प्रयास में लगे हैं।

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