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साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश: रोहित गोदारा गैंग के दो गुर्गे गिरफ्तार; हवाला और क्रिप्टो के जरिए करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा

India-1stNews



​— साइबर थाना पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: रामपुरा बस्ती के संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई गिरफ्तार; साइबर ठगी की राशि को क्रिप्टो और हवाला के जरिए गैंग तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।

23 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतों में नाम दर्ज: बैंक खातों में 50 लाख रुपये जमा होने का खुलासा; देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय है गैंग का जाल।

हथियार खरीद और अवैध वसूली: ठगी की राशि से गैंग अवैध हथियार खरीदकर जनता में दहशत फैलाती थी; आरोपियों का पुराना है आपराधिक रिकॉर्ड।

बीकानेर, 22 जून (सोमवार)। बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने एक बेहद शातिर साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कुख्यात रोहित गोदारा गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। यह गैंग न केवल आमजन से साइबर धोखाधड़ी कर रही थी, बल्कि उस अवैध धन को क्रिप्टो करेंसी और हवाला के माध्यम से बदलकर गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचाकर देशभर में आपराधिक गतिविधियों और अवैध हथियारों की खरीद में निवेश कर रही थी।

रामपुरा बस्ती के दो आरोपी दबोचे गए

​साइबर थानाधिकारी शालिनी बजाज और रमेश कुमार सर्वटा ने प्रेसवार्ता में बताया कि बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश और एसपी मृदुल कच्छावा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना टीम ने रामपुरा बस्ती निवासी दो आरोपियों को पकड़ा है:

  1. संदीप स्वामी (32 वर्ष), पुत्र संतदास स्वामी।
  2. मुकेश बिश्नोई (28 वर्ष), पुत्र रामचंद्र बिश्नोई।

​दोनों आरोपी रामपुरा बस्ती की गली नंबर 18 के रहने वाले हैं और काफी समय से साइबर पुलिस की रडार पर थे।

ठगी, हवाला और क्रिप्टो का 'ट्राइएंगल'

​पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। वे आम जनता से साइबर ठगी कर रकम को अपने और गैंग के अन्य सदस्यों के खातों में मंगवाते थे। इस राशि को ठिकाने लगाने के लिए वे 'फ्लोक्सि पे' (Floxy Pay) नामक एप्लीकेशन के क्लोन टूलकिट का इस्तेमाल करते थे।

  • रुपयों को क्रिप्टो में बदलना: ठगी की गई राशि को पहले क्रिप्टो करेंसी में बदला जाता था, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।
  • हवाला का इस्तेमाल: बची हुई रकम को हवाला के जरिए देश के अन्य हिस्सों में बैठे गैंग के गुर्गों तक पहुंचाया जाता था।
  • अपराध का निवेश: इस ठगी के पैसों से गैंग अवैध हथियार खरीदती थी और आमजन को धमकाकर जबरन वसूली (फिरौती) करती थी।

50 लाख की एनसीआरपी शिकायतें, पुराना है आपराधिक रिकॉर्ड

​पुलिस जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के बैंक खातों पर देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 23 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल 50 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का पैसा जमा होना पाया गया है। गैंग के अन्य सदस्यों के बैंक खातों की भी गहनता से जांच की जा रही है।सीओ शालिनी बजाज के सुपरविजन में साइबर थाना पुलिस थानाधिकारी रमेश सर्वटा ने कार्यवाई को अंजाम दिया है।

​आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है:

  • संदीप स्वामी: इसके खिलाफ पूर्व में मारपीट, धोखाधड़ी, अपहरण, जान से मारने की धमकी और अवैध हथियार रखने जैसी धाराओं में 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  • मुकेश बिश्नोई: इसके खिलाफ भी मारपीट, धमकी और अवैध हथियार का 1 आपराधिक प्रकरण दर्ज है।

​पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रोहित गोदारा गैंग के और कितने सदस्य इस साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।

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