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​— रेकी कर करवाई थी हत्या: 3 जुलाई 2024 को बारात से लौट रहे शाहरुख खान की गाड़ी रुकवाकर की गई थी अंधाधुंध फायरिंग और हत्या।

सात राज्यों और देशों में बदला ठिकाना: वारदात के बाद से ही पुलिस को छका रहा था आरोपी; दुबई, जार्जिया, अरमेनिया, हरियाणा, हनुमानगढ़, गंगानगर व पंजाब में छिपे रहने का खुलासा।

एसपी ने घोषित कर रखा था इनाम: छत्तरगढ़ के रानेर निवासी 24 वर्षीय रूघवीर सिंह की गिरफ्तारी पर एसपी मृदुल कच्छावा ने जारी किया था नकद इनाम।

बीछवाल पुलिस की विशेष स्ट्राइक: सीआई दिगपाल सिंह की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सटीक सूचना पर आरोपी को पैतृक गांव से दबोचा।

बीकानेर, 5 जुलाई (रविवार)। बीकानेर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा के निर्देश पर अपराधियों और वांछित बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत बीछवाल थाना पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने करीब दो साल पहले शहर को दहला देने वाले 'शाहरुख खान हत्याकांड' में मुख्य शूटरों के लिए रेकी (Reke) करने वाले और लंबे समय से देश-विदेश में फरारी काट रहे इनामी मोस्ट वांटेड अभियुक्त रूघवीर सिंह को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया है।

क्या थी वारदात: बारात से लौटते समय फिल्मी स्टाइल में घेरा और किया मर्डर

​बीछवाल थाने के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह खूनी वारदात 03 जुलाई 2024 को घटित हुई थी। परिवादी सद्दाम, उसका भाई शाहरुख (मृतक) और परिवार के अन्य सदस्य शोभासर में आयोजित एक बारात में शामिल होकर देर रात अपनी गाड़ी से वापस बीकानेर लौट रहे थे।

​रास्ते में घात लगाकर बैठे बदमाशों ने अपनी गाड़ियों से परिवादी की कार को टक्कर मारकर रुकवा लिया। उन गाड़ियों से करीब 20-30 हथियारबंद बदमाश नीचे उतरे। इनमें शामिल मुख्य आरोपी सिकंदर, साजिद, सीताराम और प्रकाश ने अपने हाथों में ली हुई पिस्तौलों से जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने चिल्लाते हुए कहा कि "सबको जान से मार दो" और शाहरुख पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस अंधाधुंध गोलीबारी और हमले में शाहरुख खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण संख्या 187/24 दर्ज कर जांच शुरू की थी।

इंटरनेशनल लेवल पर काटी फरारी, पुलिस को लगातार छकाया

​जांच में सामने आया कि घटना का मुख्य सूत्रधार और शूटरों को शाहरुख की पल-पल की लोकेशन (रेकी) देने वाला आरोपी रूघवीर सिंह (पुत्र पन्नेसिंह राजपूत, उम्र 24 साल, निवासी— 5 जी.एम. रानेर, 465 आर.डी. छत्तरगढ़, बीकानेर) वारदात के तुरंत बाद भारत छोड़ कर विदेश भाग गया था।

​पुलिस को चकमा देने के लिए शातिर अपराधी ने दुबई, जार्जिया और अरमेनिया जैसे देशों में शरण ली। जब वहां वीजा और अन्य तकनीकी दिक्कतें आईं, तो वह देश वापस लौटकर हरियाणा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और पंजाब के विभिन्न ठिकानों पर अपनी पहचान बदलकर फरारी काटता रहा। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी थानों में मारपीट और डराने-धमकाने के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

बीछवाल पुलिस की विशेष टीम को ऐसे मिली कामयाबी

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मृदुल कच्छावा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP City) चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP वृत्त सदर) अनुष्ठा कालिया के निकट सुपरविजन में बीछवाल थानाधिकारी (CI) दिगपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष कमांडो और साइबर टीम का गठन किया था। चूंकि आरोपी बेहद शातिर था, इसलिए एसपी द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम की घोषणा भी की गई थी।

​पुलिस की इस विशेष टीम ने पिछले कई दिनों से डिजिटल और ग्राउंड इनपुट की कड़ियों को आपस में जोड़ा। हेड कांस्टेबल रवि कुमार और कांस्टेबल भगवानाराम के तकनीकी विश्लेषण व मुखबिर की पुख्ता सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी अपने पैतृक क्षेत्र 5 जीएम रानेर (छत्तरगढ़) के पास देखा गया, पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी कर उसे दस्तयाब कर लिया।

सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम: दिगपाल सिंह (पुलिस निरीक्षक व थानाधिकारी, बीछवाल), विनोद कुमार एवं सुरेन्द्र कुमार (सहायक उपनिरीक्षक - ASI),  रवि कुमार (हैड कांस्टेबल - विशेष भूमिका) भगवानाराम (कांस्टेबल - विशेष भूमिका), हैड कांस्टेबल राम निवास, कांस्टेबल राजकमल, परमेश्वरी (महिला कानि) तथा सुरजाराम आदि शामिल रहे।

रिमांड पर लेकर पुलिस करेगी अन्य मामलों में पूछताछ

​थानाधिकारी दिगपाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त रूघवीर सिंह को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार सह-आरोपियों के वर्तमान ठिकानों, वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों के सप्लायरों और विदेश में उसे आर्थिक मदद व पनाह देने वाले सफेदपोशों के नेटवर्क के बारे में गहनता से अनुसंधान (पूछताछ) करेगी।