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​— लंबे समय से फरार वारंटी दबोचा: लालीबाई बगीची निवासी प्रकाश ओड को नयाशहर पुलिस ने किया गिरफ्तार; कोर्ट के आदेश पर भेजा जेल।

3 परिवारों में लौटी खुशियां: पुलिस की विशेष टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अलग-अलग तारीखों में लापता हुई दो लड़कियों और एक लड़के को किया दस्तयाब।

सीसीटीवी फुटेज से चूरू तक पीछा: 9 जुलाई को लापता हुई बालिका को सीसीटीवी और तकनीकी इनपुट के आधार पर तारानगर (चूरू) से किया रेस्क्यू।

सराहनीय रही इस संयुक्त टीम की भूमिका: सीआई कविता पूनिया के नेतृत्व में एएसआई अजय कुमार, महिला एएसआई सुनीता यादव, हेड कांस्टेबल कपिल कुमार, हेमराज, शेरसिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, बीरबल राम और प्रहलाद राम की संयुक्त टीम ने दिखाई त्वरित सक्रियता।

बीकानेर, 10 जुलाई (शुक्रवार)। बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश एवं जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा के निर्देशन में जिले भर में अपराधियों की धरपकड़ और गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नयाशहर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नयाशहर पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए जहां एक लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को दबोचकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है, वहीं अलग-अलग मामलों में थाना इलाके से लापता हुए तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित दस्तयाब (रेस्क्यू) कर उनके चिंतित परिजनों के सुपुर्द किया है।

स्थायी वारंटी प्रकाश ओड गिरफ्तार, भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में

​नयाशहर थानाधिकारी (CI) कविता पूनिया ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस कप्तानों के आदेशानुसार वांटेड अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दबिश दी। इस दौरान लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी प्रकाश पुत्र बाबूलाल ओड (निवासी— लालीबाई बगीची के पास, बीकानेर) को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से माननीय न्यायाधीश के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भिजवा दिया गया है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर स्कूल से लापता हुई लड़की को तुरंत ढूंढा

​नाबालिगों के रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए सीआई कविता पूनिया ने बताया कि थाना इलाके की एक नाबालिग लड़की के अचानक स्कूल से कहीं चले जाने की सूचना परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए स्कूल और उसके आस-पास के रूट के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज से मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही लड़की को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया और थाने लाकर वैधानिक कार्रवाई के बाद उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया।

तारानगर (चूरू) तक पीछा कर 9 जुलाई को लापता हुई दूसरी बालिका को किया रेस्क्यू

​थानाधिकारी के अनुसार, एक अन्य मामले में 9 जुलाई की रात को थाना क्षेत्र से एक और नाबालिग लड़की के अचानक लापता होने की गंभीर सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। इस मामले में भी नयाशहर पुलिस ने तुरंत तकनीकी विंग की मदद ली और संदिग्ध रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस टीम को सूचना मिली कि बालिका चूरू जिले की तरफ गई है। इस पर नयाशहर पुलिस की टीम ने तुरंत पीछा किया और मुस्तैदी दिखाते हुए बालिका को तारानगर (चूरू) से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। बालिका को बीकानेर लाकर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।

6 जुलाई से लापता बालक भी मिला, परिजनों को सौंपा

​इसी विशेष अभियान के अंतर्गत नयाशहर थाना पुलिस ने एक और सफलता हासिल करते हुए गत 6 जुलाई से लापता चल रहे एक अन्य नाबालिग लड़के को भी सघन तलाश के बाद सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस ने बालक की काउंसलिंग करने के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। तीन बच्चों के सुरक्षित घर लौटने पर तीनों परिवारों ने बीकानेर पुलिस प्रशासन का आभार जताया है।

इस संयुक्त पुलिस टीम को मिली सफलता

​सीआई कविता पूनिया ने बताया कि स्थायी वारंटी की पहचान कर उसे दबोचने तथा तीनों लापता नाबालिग बच्चों को तकनीकी व मैदानी स्तर पर त्वरित कार्रवाई कर दस्तयाब करने वाली नयाशहर थाने की संयुक्त विशेष टीम में सीआई कविता पूनिया, एएसआई अजय कुमार, महिला एएसआई श्रीमती सुनीता यादव, हैड कांस्टेबल कपिल कुमार, हेमराज, शेरसिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, बीरबल राम और प्रहलाद राम शामिल थे। पूरी टीम के आपसी तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण ही मासूम बच्चों को समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका।