– नोटों की बारिश: अलमारियों से निकली 500-200 की गड्डियां, गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन; शुभकरण परिहार के 5 ठिकानों पर एक साथ रेड
– काली कमाई का साम्राज्य: बीकानेर शहर में 3 और गांव में 1 आलीशान बंगला; 17 हेक्टेयर जमीन और किलो के भाव मिला सोना-चांदी
बीकानेर, 13 फरवरी (शुक्रवार)।राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को बीकानेर और फलोदी में एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दीं। फलोदी की बाप पंचायत समिति के कानासर में तैनात एक मामूली कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार के ठिकानों से इतनी संपत्ति मिली है कि अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपी के पास उसकी वैध आय से 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति का रिकॉर्ड मिला है।
5 ठिकानों पर सुबह-सुबह 'सर्जिकल स्ट्राइक'
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के निर्देश पर डीआईजी भुवन भूषण यादव, एएसपी विनोद कुमार और आशीष कुमार रघुवंशी के नेतृत्व में 5 अलग-अलग टीमों ने शुक्रवार तड़के एक साथ दबिश दी।
- कहाँ हुई रेड: बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी (JNVC), वैशाली धाम, रानी बाजार (छीपों का मोहल्ला), जयपुर रोड और पूनरासर गांव स्थित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
सर्च में क्या-क्या मिला? (काली कमाई का कच्चा चिट्ठा)
शुभकरण परिहार के घर की अलमारियां जब खुलीं, तो नोटों के बंडल बिस्तर पर बिछाने पड़े। दोपहर तक हुई कार्रवाई में निम्नलिखित संपत्तियां सामने आईं:
- नकदी: करीब 75 लाख रुपये कैश (गिनने के लिए मशीन और पैकिंग के लिए कार्टन मंगाने पड़े)।
- सोना: 1 किलो से अधिक सोना (बाजार कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये)।
- चांदी: करीब 2 किलो से अधिक चांदी।
- मकान: बीकानेर शहर में 3 आलीशान कोठियां और पूनरासर गांव में 1 भव्य मकान।
- जमीन: करीब 17 हेक्टेयर (करीब 100 बीघा से अधिक) कृषि भूमि के दस्तावेज।
आय से 938% ज्यादा संपत्ति: कैसे खुला राज?
एसीबी को गोपनीय शिकायत मिली थी कि एक कनिष्ठ सहायक के पास करोड़ों की संपत्ति है। ब्यूरो ने गोपनीय सत्यापन किया और 11 फरवरी को मामला दर्ज किया। आज जब सर्च शुरू हुआ, तो पता चला कि शुभकरण ने पद का दुरुपयोग कर अकूत काली कमाई की है। वह वर्तमान में फलोदी जिले की ग्राम पंचायत उदट (कानासर) में तैनात है।
अभी और खुलेंगे राज
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में फिलहाल जांच जारी है। ब्यूरो अब आरोपी के बैंक लॉकरों और अन्य बेनामी संपत्तियों के दस्तावेजों को खंगाल रही है। एक छोटे कर्मचारी के पास इतना धन मिलना सिस्टम में गहरे तक फैले भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।


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