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गंगाशहर में भक्ति का अनूठा रूप: 1500 किलो कच्चे केलों से बना 11:15 फीट का भव्य शिवलिंग; गौ सेवा के साथ संपन्न हुआ महाशिवरात्रि महोत्सव

India-1stNews



– गंगाशहर में उमड़ा जनसैलाब: श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार ट्रस्ट की विशेष पहल; नंदी और गौ माता को प्रसाद स्वरूप भेंट किए गए केले

– चार प्रहर की पूजा: दूध, शहद और गन्ने के रस से हुआ महादेव का अभिषेक; श्वेत और रक्त वर्ण के परिधानों में सजे दिखे श्रद्धालु

बीकानेर/गंगाशहर, 15 फरवरी (रविवार)।बीकानेर के गंगाशहर स्थित करणी माता मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व भक्ति और सेवा के संगम के रूप में मनाया गया। श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 11.15 फुट ऊँचे 'केला शिवलिंग' ने सभी का मन मोह लिया। इस भव्य आकृति को बनाने में 1500 किलो कच्चे केलों का उपयोग किया गया, जिसे देखने के लिए बीकानेर के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुँचे।

शिवलिंग विसर्जन के बाद 'गौ सेवा' का अनूठा संकल्प

​इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पूजन के बाद शिवलिंग के निर्माण में लगे सभी 1500 किलो कच्चे केलों को व्यर्थ नहीं किया गया। विसर्जन के पश्चात इन्हें नंदी गण और गौ माता को आहार के रूप में समर्पित कर दिया गया। पर्यावरण संरक्षण और जीव सेवा के इस संदेश की पूरे शहर में प्रशंसा हो रही है।

चार प्रहर की भव्य पूजा और अनुशासन

​पंडित अशोक शर्मा के सानिध्य में रात्रि 7:00 बजे से चार प्रहर की विशेष पूजा प्रारंभ हुई, जो देर रात तक चलेगी:

  • प्रथम प्रहर: दूध-गंगाजल से अभिषेक एवं हलवे का भोग।
  • द्वितीय प्रहर: गन्ने के रस से अभिषेक एवं खीर का भोग।
  • तृतीय प्रहर: शहद से अभिषेक एवं मालपुआ का भोग।
  • चतुर्थ प्रहर: घी से अभिषेक एवं अमृत फल (अमृती) का भोग।

​पूजन के दौरान एक विशेष अनुशासन भी देखने को मिला। आयोजन समिति के आग्रह पर पुरुष श्रद्धालु सफेद और महिला श्रद्धालु लाल वस्त्रों में महादेव की आराधना करने पहुँचे।

ट्रस्ट ने जताया आभार

​ट्रस्ट के अध्यक्ष मनीष लांबा ने बताया कि श्रद्धालुओं ने स्वयं के पात्रों में जल और अभिषेक सामग्री लाकर पूर्ण श्रद्धा के साथ पूजन किया। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए सभी कार्यकर्ताओं और भक्तों का हृदय से आभार व्यक्त किया।


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