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बीकानेर में 'वेपिंग' के खिलाफ स्ट्राइक: फड़बाजार के पवन स्टोर पर पुलिस की दबिश, 43 ई-सिगरेट जब्त

India-1stNews



– युवाओं की सेहत से खिलवाड़: कोटगेट पुलिस ने दबोचा ई-सिगरेट का जखीरा; होली के नाम पर खपाने की थी तैयारी

– सख्त एक्शन: थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत ने खुद की छापेमारी; बैटरी वाले इस आधुनिक नशे पर लगाम की कवायद

बीकानेर, 17 फरवरी (मंगलवार)।बीकानेर में फैलते नशे के जाल के खिलाफ कोटगेट पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शहर के व्यस्ततम फड़बाजार स्थित गोविंद मार्केट के एक स्टोर पर दबिश देकर पुलिस ने भारी मात्रा में ई-सिगरेट (Electronic Cigarette) बरामद की है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सूचना मिली कि स्टोर संचालक युवाओं को यह प्रतिबंधित नशा धड़ल्ले से बेच रहा है।

पवन स्टोर पर पुलिस का औचक छापा

​कोटगेट थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि फड़बाजार के पवन स्टोर में ई-सिगरेट का अवैध कारोबार हो रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद थानाधिकारी ने स्वयं टीम के साथ स्टोर पर छापा मारा।तलाशी के दौरान स्टोर से 43 नग ई-सिगरेट बरामद हुई। आरोपी संचालक पवन पुगलिया ने पूछताछ में बताया कि उसने होली के त्योहार को देखते हुए यह स्टॉक मंगाया था, जिसे वह ऊंचे दामों पर बेचने वाला था।

काफी समय से चल रहा था खेल

​पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पवन स्टोर द्वारा काफी लंबे समय से शहर के युवाओं को ई-सिगरेट बेची जा रही थी। कोटगेट पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बीकानेर में इन ई-सिगरेट की सप्लाई कहाँ से हो रही है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से स्टोर शामिल हैं।

क्या है ई-सिगरेट और क्यों है यह खतरनाक?

​ई-सिगरेट एक बैटरी से चलने वाला इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे 'वेपिंग' कहा जाता है।

  • कैसे काम करता है: यह उपकरण एक निकोटीन युक्त लिक्विड को गर्म करके भाप (एयरोसोल) में बदलता है, जिसे उपयोगकर्ता फेफड़ों तक ले जाते हैं।
  • खतरा: इसमें मौजूद निकोटीन, फ्लेवर और अन्य रसायनिक पदार्थ कैंसर और हृदय रोगों का बड़ा कारण बनते हैं। भारत में इसके स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।

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