– महा-नष्टीकरण: 136 अलग-अलग मामलों में जब्त मादक पदार्थों का किया गया डिस्पोजल; एसपी मृदुल कच्छावा के सुपरविजन में हुई कार्रवाई।
– करोड़ों की खेप: डोडा पोस्त, स्मैक, हेरोइन और एमडी सहित भारी मात्रा में नशीली गोलियों को वैज्ञानिक तरीके से किया गया नष्ट।
– टीम मुस्तैद: एएसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और अपराध शाखा की मौजूदगी में ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी ने की प्रक्रिया पूरी।
बीकानेर, 29 मार्च (रविवार)।बीकानेर जिला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ दर्ज सैकड़ों अभियोगों में जब्त की गई नशीली दवाओं और पदार्थों के विनष्टीकरण की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार को ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी ने पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा की देखरेख में करीब 9 करोड़ 86 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाली ड्रग्स को नष्ट किया।
नष्ट किए गए मादक पदार्थों का ब्यौरा:
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 136 प्रकरणों से संबंधित सामग्री को नष्ट किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
- डोडा पोस्त: 2313 किलोग्राम
- गांजा: 50.892 किलोग्राम
- स्मैक: 1340.91 ग्राम
- हेरोइन: 986 ग्राम
- एमडी (MD): 742.42 ग्राम
- अन्य: 810 अफीम के पौधे, 546 नशीली गोलियां और 24 इंजेक्शन।
उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में प्रक्रिया
नष्टीकरण की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह राठौड़, अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक सुभाष बिजारणिया, सउनि सुगनचंद, कानि श्रवण कुमार और सुनील कुमार सहित कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि समय-समय पर ऐसी कार्रवाइयां यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती हैं कि जब्त माल का दुरुपयोग न हो और विधिक प्रक्रिया के तहत इन्हें निस्तारित किया जा सके।
नशा मुक्त बीकानेर का संकल्प
एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि पुलिस न केवल तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचा रही है, बल्कि जब्त किए गए जहर को नष्ट कर समाज को सुरक्षित बनाने का संदेश भी दे रही है। इस कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में स्पष्ट संकेत गया है कि उनके अवैध धंधे का अंजाम सिर्फ और सिर्फ विनाश ही है।

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