– जांबाजी की मिसाल: बरसलपुर के चक 6 BDY में पिता ओमप्रकाश ने दरांती से किया लेपर्ड पर पलटवार; बेटे कमल की बचाई जान।
– खूनी संघर्ष: शनिवार शाम करीब 4:15 बजे हुआ हमला; हाथ, पैर और पेट पर गहरे जख्मों के बावजूद पिता-पुत्र ने नहीं हारी हिम्मत।
– लेपर्ड की मौत: दरांती के वार से घायल होकर खाले (वाटरकोर्स) में छुपा लेपर्ड; ग्रामीणों के पहुँचने से पहले ही तोड़ा दम।
बीकानेर, 29 मार्च (रविवार)।बीकानेर के सीमावर्ती बज्जू उपखंड की बरसलपुर ग्राम पंचायत में शनिवार शाम कुदरत का खौफनाक मंजर देखने को मिला। खेत में फसल काट रहे पिता-पुत्र पर एक लेपर्ड (तेंदुआ) ने अचानक हमला कर दिया। लेकिन शिकारी खुद शिकार बन गया, जब एक पिता ने अपनी ममता और साहस के बल पर दरांती से जंगली जानवर को मार भगाया।
बेटे की चीख सुन दरांती लेकर भिड़ गया पिता
जानकारी के अनुसार, किसान ओमप्रकाश मेघवाल और उनका बेटा कमल मेघवाल अपने खेत में काम कर रहे थे। अचानक झाड़ियों से निकलकर एक लेपर्ड ने सीधे कमल पर हमला बोल दिया। बेटे को लहूलुहान देख पिता ओमप्रकाश घबराए नहीं, बल्कि हाथ में मौजूद दरांती (फसल काटने का औजार) लेकर लेपर्ड पर टूट पड़े। पिता और पुत्र ने मिलकर संघर्ष किया और दरांती से लेपर्ड के शरीर पर कई वार किए।
खाले में मिला लेपर्ड का शव
हमले से घबराकर लेपर्ड पास के एक खाले (पानी की डिग्गी के पास का रास्ता) में जाकर छुप गया। शोर सुनकर आसपास के किसान मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने देखा कि लेपर्ड मृत अवस्था में पड़ा है। रणजीतपुरा थाना के ASI नैनुसिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घायलों को बरसलपुर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
वन विभाग करेगा पोस्टमार्टम
वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी दीपेन्द्र सिंह ने बताया कि मृत लेपर्ड का शव कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय भेज दिया गया है। मेडिकल बोर्ड से लेपर्ड का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिससे मौत के सटीक कारणों का पता चल सके। गौरतलब है कि खाजूवाला और बज्जू क्षेत्र में लंबे समय से लेपर्ड की मौजूदगी की खबरें आ रही थीं, लेकिन यह पहली बार है जब कोई लेपर्ड इस तरह सामने आया है।

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