– बड़ी लापरवाही: कोर्ट में बिना हस्ताक्षर के पेश किया गया मूल इस्तगासा; केवल कार्यालय की मोहर लगाकर की गई खानापूर्ति।
– सख्त रुख: अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश संख्या 3 ने यातायात प्रभारी नरेश निर्वाण को मांगा लिखित जवाब; ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल।
– पूरा मामला: बिना हेलमेट स्कूटी चलाने पर मोबाइल से फोटो खींचकर काटा गया था 1000 रुपए का ऑनलाइन ई-चालान।
बीकानेर, 4 मई (सोमवार)। बीकानेर में यातायात पुलिस द्वारा ऑनलाइन ई-चालान काटने की प्रक्रिया और उसमें बरती जा रही लापरवाही को लेकर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। बिना हस्ताक्षर के इस्तगासा कोर्ट में पेश करने को गंभीर मानते हुए न्यायालय ने यातायात थानाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का नोटिस थमाया है।
क्या है पूरा मामला?
जेल रोड निवासी रविकांत सोनी बिना हेलमेट के स्कूटी चला रहे थे। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने पीछे से फोटो खींचकर उनका 1000 रुपए का ऑनलाइन ई-चालान काट दिया। परिवादी रविकांत सोनी ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए न्यायालय में परिवाद पेश किया। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश संख्या 3 के पीठासीन अधिकारी राहुल ने यातायात पुलिस को मूल चालान की प्रति कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया।
बिना हस्ताक्षर के पेश किया इस्तगासा
मामले में मोड़ तब आया जब यातायात प्रभारी नरेश निर्वाण ने कोर्ट में मूल इस्तगासा (चालान प्रति) पेश की। चौंकाने वाली बात यह रही कि उस पर अधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं थे, बल्कि केवल कार्यालय की मोहर लगा दी गई थी। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीर लापरवाही और यातायात पुलिस की बदहाली का संकेत माना।
देना होगा जवाब
कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए यातायात प्रभारी नरेश निर्वाण को सोमवार(आज) को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में हाजिर होने और इस लापरवाही पर लिखित जवाब पेश करने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट भी ई-चालान को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है, ऐसे में बीकानेर पुलिस की यह लापरवाही विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है।

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