– सिस्टम के खिलाफ आक्रोश: तालरिया बास में फूटा गुस्सा; दर्जन भर लोग टंकी पर चढ़े, पुलिस और जलदाय विभाग के छूटे पसीने
– नाकामी की हद: सर्दी में भी खरीदकर पीना पड़ रहा पानी; 8 वाल्व खराब और फाइल में अटका नया ट्यूबवेल
बीकानेर, 29 जनवरी (गुरुवार)। बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र स्थित रासीसर गांव (तालरिया बास) में गुरुवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पिछले एक साल से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए एक दर्जन से अधिक लोग पानी की टंकी पर चढ़ गए।
हैरानी की बात यह है कि सर्दी के मौसम में, जब पानी की खपत कम होती है, तब भी यहां के नलों में पानी नहीं आ रहा है। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने टंकी से नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया है।
"कागजों में पास हुआ नलकूप, जमीन पर नहीं"
ग्रामीणों ने जलदाय विभाग (PHED) पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं: ग्रामीणों का कहना है कि नए नलकूप (Tube well) के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और वर्क ऑर्डर (Work Order) भी जारी हो चुका है। इसके बावजूद ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। गांव में सप्लाई लाइन के 8 पुराने वाल्व खराब पड़े हैं, जिन्हें बदलने की सुध किसी ने नहीं ली। इस वजह से जो थोड़ा-बहुत पानी आता है, वह भी घरों तक नहीं पहुंच पाता। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को मजबूरन महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
पुलिस और अधिकारी मौके पर
टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। नोखा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। साथ ही जलदाय विभाग के कर्मचारी भी वहां मौजूद हैं। पुलिस और अधिकारी नीचे खड़े होकर लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। टंकी पर चढ़कर विरोध जताने वालों में मांगीलाल पुनिया, रामेश्वर मुनीम, बली, भंवरलाल, ताराचंद, सीताराम गोदारा, अशोक गोदारा और सचिन सहित कई युवा व बुजुर्ग शामिल हैं।
चेतावनी: समाधान नहीं, तो आंदोलन नहीं रुकेगा
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि वे अब कोरे आश्वासनों से नहीं मानेंगे। जब तक खराब वाल्व सही नहीं होते और नए नलकूप का काम शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन और धरना जारी रहेगा।

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