– सनसनीखेज वारदात: घर की बाखल में घात लगाकर बैठा था आरोपी; 6 फरवरी की रात पढ़ाई के दौरान किया अपहरण
– बीकानेर रेफर: 2 दिन बाद होश आने पर पीड़िता ने बयां की आपबीती; थानाधिकारी कश्यप सिंह राघव ने शुरू की जांच
बीकानेर/श्रीडूंगरगढ़, 9 फरवरी (सोमवार)। श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के साथ रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। घर के अंदर सुरक्षित मानकर पढ़ाई कर रही बालिका को एक युवक ने न केवल अपनी हवस का शिकार बनाया, बल्कि साक्ष्य मिटाने या जान लेने की नीयत से उसे जबरन जहर भी पिला दिया। फिलहाल पीड़िता बीकानेर के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
पढ़ाई के दौरान घात लगाकर किया हमला
पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज करवाई गई रिपोर्ट के अनुसार, घटना 6 फरवरी 2026 की रात करीब 11 बजे की है। परिवादी की तीन बेटियां घर में पढ़ाई कर रही थीं। दो बेटियां अंदर कमरे में चली गईं, जबकि तीसरी बेटी बाखल (आंगन) में लगी खुली खिड़की को बंद करने गई थी। वहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपी युवक ने नाबालिग को दबोच लिया। उसका मुंह बंद कर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर जबरन अपने घर ले गया।
खुद भी पीया जहर और पीड़िता को भी पिलाया
वारदात के बाद आरोपी ने मामले को दबाने या आत्मघाती मोड़ देने की कोशिश की। आरोपी के चाचा ने पीड़िता के घर पहुंचकर सूचना दी कि आरोपी युवक और बालिका दोनों ने जहर पी लिया है। बदहवास पिता तुरंत आरोपी के घर पहुंचा, जहां उसकी बेटी बेहोश पड़ी थी। उसे तत्काल श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बीकानेर रेफर कर दिया।
2 दिन बाद होश आने पर खुला राज
घटना के दो दिन बाद यानी 8 फरवरी को जब बीकानेर में उपचार के दौरान बालिका को होश आया, तब उसने अपने साथ हुई इस दरिंदगी और जबरन जहर पिलाए जाने की पूरी जानकारी दी।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यप सिंह राघव ने स्वयं जांच की कमान संभाली है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

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