– वादा निभाया: 5 फरवरी को विधानसभा में हुई घोषणा पर समाज में हर्ष; संतों ने मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन
– CM का संबोधन: 'जीव दया पालनी, रूंख लीलो नहीं घावे' के संदेश को बनाएंगे कानून; जम्भेश्वर जी और अमृता देवी के बलिदान को नमन
जयपुर/बीकानेर, 9 फरवरी (सोमवार)।राजस्थान के राजकीय वृक्ष 'खेजड़ी' के संरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को एक बड़ी और कानूनी जीत मिली है। रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेशभर से आए पर्यावरण प्रेमी संतों और बिश्नोई समाज के प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर विधानसभा में खेजड़ी संरक्षण कानून लाने की घोषणा के लिए उनका अभिनंदन किया।
संतों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने 27 अगस्त 2025 को जो आश्वासन दिया था, उसे विधानसभा में पूरा कर दिखाया है।
संतों का संदेश: 70 वर्ष बाद जगी उम्मीद
मुकाम पीठाधीश्वर श्री रामानन्द जी महाराज ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रदेश में 70 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद किसी सरकार ने खेजड़ी की रक्षा के लिए ठोस कानून बनाने की पहल की है। महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने संतों की मंशा का सम्मान किया है और अब रेगिस्तान का यह कल्पवृक्ष सुरक्षित रहेगा।
मुख्यमंत्री का संकल्प: 5 साल में 50 करोड़ पौधे
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भगवान जम्भेश्वर जी और मां अमृता देवी के बलिदान को याद किया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:
"हमारी सरकार खेजड़ी और पर्यावरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संतों के सुझावों के अनुरूप ही कानून की प्रक्रिया जारी है, जिसे शीघ्र लाया जाएगा।
"मुख्यमंत्री ने कहा कि जांभोजी द्वारा प्रतिपादित 29 नियम आज भी पर्यावरण सुरक्षा का सबसे प्रभावी मॉडल हैं। "जीव दया पालनी, रूंख लीलौ नहीं घावै" का संदेश ही हमारा मार्गदर्शक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरणा लेते हुए राजस्थान सरकार ने 2 वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए हैं। अगले 5 वर्षों में यह लक्ष्य 50 करोड़ पार ले जाने का है।
इन जिलों से उमड़ा संतों और प्रतिनिधियों का जनसैलाब
मुलाकात के दौरान बीकानेर, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, बालोतरा, फलौदी, जालोर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बिश्नोई समाज की महिलाएं और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी संतों का दुपट्टा ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।
मौजूद प्रमुख हस्तियां:
राज्यमंत्री के.के. विश्नोई, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई, पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई सहित बड़ी संख्या में बिश्नोई पंथ के महन्त और स्वामी उपस्थित रहे।

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