– ऐतिहासिक तैयारी: 10 फरवरी को होने वाले महाकुंभ के लिए परकोटा रोशनी से नहाया; डेढ़ महीने पहले से एक्टिव थे विधायक, प्रशासन मुस्तैद
– बड़ी घोषणा: सर्वसमाज की बेटियों को विधायक अपनी तरफ से देंगे कन्यादान; सीएम सामूहिक विवाह योजना का भी मिलेगा लाभ
बीकानेर, 6 फरवरी (शुक्रवार)।बीकानेर के ऐतिहासिक पुष्करणा ब्राह्मण समाज के 'ओलंपिक सावे' (10 फरवरी) की घड़ियाँ नजदीक आ गई हैं। पूरा बीकानेर शहर, विशेषकर शहरी परकोटा, किसी दुल्हन की तरह सज-धज कर तैयार है। गलियों और चौकों में आकर्षक लाइटिंग और अत्याधुनिक टेंट इस बात की गवाही दे रहे हैं कि इस बार का आयोजन अभूतपूर्व होने वाला है।
इस बार के सावे में बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास की भूमिका और उनकी एक घोषणा ने इस आयोजन को 'सर्वसमाज' के उत्सव में बदल दिया है।
विधायक का बड़ा दिल: हर बेटी को 11 हजार
विधायक जेठानंद व्यास ने एक अभिनव पहल करते हुए घोषणा की है कि 10 फरवरी को परिणय सूत्र में बंधने वाली सर्वसमाज की प्रत्येक कन्या को वे अपनी ओर से 11,000 रुपये का कन्यादान (शगुन) देंगे। संभवतः देशभर में यह पहला अवसर होगा जब किसी विधायक ने केवल अपने समाज तक सीमित न रहकर, उस दिन शादी करने वाली हर समाज की बेटी को यह सम्मान देने की घोषणा की है। विधायक के प्रयासों से सभी जोड़ों के लिए 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के तहत अनुदान और विवाह पंजीकरण की तैयारी भी समय रहते पूरी कर ली गई है।
1.5 महीने पहले शुरू हो गई थी तैयारी
इस बार की भव्यता के पीछे विधायक की मॉनिटरिंग है। उन्होंने डेढ़ महीने पहले ही सभी विभागों की बैठक लेकर निर्देश दिए थे कि सावे में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। इतिहास में पहली बार सावे से 10 दिन पहले ही पूरा शहर आकर्षक रोड लाइटों से रोशन हो गया है। शहर को चकाचक रखने के लिए 150 सफाई कर्मचारी 'राउंड द क्लॉक' (24 घंटे) शिफ्ट में काम कर रहे हैं। बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए अधिकारियों को पाबंद किया गया है। मेडिकल टीमें तैनात हैं और पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
अगवानी को तैयार 'छोटी काशी'
देशभर से आने वाले स्वजातीय बंधुओं और मेहमानों के स्वागत के लिए बीकानेर तैयार है।शहरी परकोटे की टूटी सड़कों की रिपेयरिंग और नई सड़कें बनाने का काम अंतिम चरण में है।3 तारीख तक ही लगभग सभी मोहल्लों में टेंट और सजावट का काम पूरा हो चुका है, जो एक रिकॉर्ड है। विधायक की प्रेरणा से शहर की अन्य संस्थाएं भी मदद के लिए आगे आई हैं।

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