– आकस्मिक बिछोह: पत्नी की सर्जरी के लिए चेन्नई के अस्पताल में थे मौजूद; वहीं आया हार्ट अटैक, जो जानलेवा साबित हुआ।
– वैश्विक पहचान: बीकानेरी जायके को 'बीकाजी' ब्रांड के जरिए दुनिया भर में पहुँचाने वाले विजनरी उद्यमी थे फन्ना बाबू।
– गृह नगर वापसी: विशेष विमान से बीकानेर लाई जाएगी पार्थिव देह; शुक्रवार को पैतृक शहर में होगा अंतिम संस्कार।
बीकानेर, 23 अप्रैल (गुरुवार)। बीकानेर की शान और प्रसिद्ध उद्यमी शिवरतन अग्रवाल, जिन्हें दुनिया 'फन्ना बाबू' के नाम से जानती थी, अब हमारे बीच नहीं रहे। चेन्नई के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने बीकानेर की तंग गलियों से निकलने वाले भुजिया के स्वाद को एक कॉर्पोरेट साम्राज्य में तब्दील कर दिया।
अस्पताल परिसर में ही आया हार्ट अटैक
मिली जानकारी के अनुसार, शिवरतन अग्रवाल अपनी पत्नी की बाइपास सर्जरी के लिए चेन्नई गए हुए थे। वे अस्पताल में पत्नी की देखभाल के लिए मौजूद थे, तभी अचानक उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ और हृदयघात (हार्ट अटैक) आ गया। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन के समय परिवार के सदस्य वहीं मौजूद थे।
बीकाजी: संघर्ष से शिखर तक का सफर
हल्दिराम परिवार की विरासत से अलग होकर शिवरतन अग्रवाल ने 'बीकाजी' की नींव रखी थी। उनकी मेहनत और विजन का ही परिणाम है कि आज बीकाजी फूड्स देश की अग्रणी एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों में शुमार है। बीकानेर के नाम को वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग देने में उनका योगदान अतुलनीय है।
कल बीकानेर में होगा अंतिम संस्कार
शिवरतन अग्रवाल की पार्थिव देह को विशेष विमान के जरिए चेन्नई से उनके गृह नगर बीकानेर लाया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार (24 अप्रैल) को बीकानेर में किया जाएगा। उनके निधन पर शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और राजनेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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