– न्यूरो सर्जरी: डॉ. दिनेश सोढ़ी की टीम ने सुपर स्पेशलिटी सेंटर में किया खेताराम के सिर का ऑपरेशन; हालत अब भी नाजुक।
– जांच में अड़चन: युवक के मोबाइल पर लगा 'डिजिटल लॉक' बना पुलिस के लिए पहेली; कॉल डिटेल्स खंगालने में आ रही तकनीकी दिक्कत।
– रूट मैपिंग: पाली से खाजूवाला और फिर पूगल तक के सफर की कड़ियां जोड़ रही खाकी; वाहन मालिक की पहचान के प्रयास तेज।
बीकानेर, 23 अप्रैल (गुरुवार)। बीकानेर के सरहदी इलाके पूगल में स्कूटी की डिक्की से 14 किलो हेरोइन मिलने के सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी खेताराम की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को हुए सड़क हादसे के बाद बुधवार को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में उसकी जटिल न्यूरो सर्जरी की गई, लेकिन ऑपरेशन के बावजूद उसे अब तक होश नहीं आया है।
सुपर स्पेशलिटी सेंटर में चला घंटों ऑपरेशन
सिर में गंभीर चोट होने के कारण खेताराम की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। पीबीएम के सुपर स्पेशलिटी सेंटर में डॉ. दिनेश सोढ़ी के नेतृत्व में न्यूरो सर्जन्स की टीम ने उसका ऑपरेशन किया। हालांकि, मेडिकल अपडेट के अनुसार वह अभी भी अचेत है। जब तक आरोपी होश में नहीं आता, तब तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस 'सफेद मौत' के नेटवर्क का खुलासा करना नामुमकिन बना हुआ है।
डिजिटल लॉक और वाहन नंबर पर टिकी जांच
पुलिस के सामने फिलहाल दो ही मुख्य सुराग हैं—आरोपी का मोबाइल और उसकी स्कूटी।
- मोबाइल लॉक: पुलिस खेताराम के संपर्कों का पता लगाने के लिए उसके मोबाइल को खंगालना चाहती है, लेकिन पासवर्ड लॉक होने के कारण तकनीकी टीम की मदद ली जा रही है।
- रूट की तलाश: वह पाली (सोजत) से बीकानेर कैसे पहुँचा और खाजूवाला में उसे यह खेप किसने सौंपी? पुलिस वाहन नंबर के जरिए उस कड़ी तक पहुँचने की कोशिश कर रही है जिसने उसे यह स्कूटी उपलब्ध करवाई।
बीएसएफ (BSF) की पैनी नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 70 करोड़ रुपये की कीमत वाली इस हेरोइन के तार सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने की पूरी आशंका है। यही कारण है कि बीएसएफ और अन्य केंद्रीय खुफिया एजेंसियां लगातार पुलिस के संपर्क में हैं। एजेंसियों को संदेह है कि खेताराम महज एक 'कूरियर' था, जिसके पीछे कोई बड़ा ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है।

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