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​— बड़ी सफलता: पंजाब की फरीदकोट जेल से सोनू उर्फ सुखविंदर प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार; जेल के भीतर से मोबाइल के जरिए फैला रखा था जाल।

ड्रोन तस्करी: पाकिस्तान से आने वाले हथियारों और हेरोइन की डिलीवरी के लिए राजस्थान में सक्रिय था नेटवर्क; जयपुर और पाली के युवक थे शामिल।

खुलासा: पूगल में सड़क हादसे के बाद स्कूटी से बरामद हुई थी ₹70 करोड़ की हेरोइन; घायल युवक के मोबाइल ने खोले तस्करी के राज।

बीकानेर, 13 मई (बुधवार)। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की खेप भारत भेजने वाले एक बड़े खतरनाक सिंडिकेट का बीकानेर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पंजाब पुलिस के सहयोग से फरीदकोट जेल में बंद सोनू उर्फ सुखविंदर को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि सुखविंदर जेल की सलाखों के पीछे बैठकर मोबाइल फोन के जरिए पूरे तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

पूगल सड़क हादसे से खुला ₹70 करोड़ का राज बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क की कड़ी कुछ दिन पहले पूगल क्षेत्र में हुई एक मामूली सड़क दुर्घटना से जुड़ी है। पाली निवासी खेताराम नामक युवक स्कूटी पर सवार था, तभी नीलगाय से टकराकर वह गंभीर घायल हो गया। उसे पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर भर्ती कराया गया। जब पुलिस ने उसकी स्कूटी की तलाशी ली, तो उसमें 70 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद हुई। घायल खेताराम के मोबाइल की बारीकी से जांच करने पर पुलिस सीधे फरीदकोट जेल में बंद सुखविंदर तक पहुँच गई।

फरीदकोट जेल से चलता था 'ड्रॉपिंग पॉइंट' का खेल जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ महीनों में बीकानेर से सटे सीमावर्ती इलाकों में 8 से 10 बार ड्रोन के जरिए नशा और हथियार गिराए गए।

  • सूचना तंत्र: पाकिस्तान से सीधे सुखविंदर के पास जेल में सूचना आती थी।
  • नेटवर्क संचालन: सुखविंदर मोबाइल के जरिए राजस्थान के जयपुर, पाली और अन्य जिलों के गुर्गों को ड्रॉपिंग पॉइंट की जानकारी देता था।
  • डिलीवरी: जानकारी मिलने पर स्थानीय युवक सीमा क्षेत्र में जाकर खेप उठाते और उसे आगे सप्लाई करते थे।

राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला: आईजी ओमप्रकाश बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश ने बताया कि बॉर्डर बेल्ट (खाजूवाला, रावला, करणपुर, केसरीसिंहपुर) में ड्रोन ड्रॉपिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस ने सुखविंदर के पास से एक मोबाइल भी बरामद किया है, जिसमें कई संदिग्ध तस्करों और संगठित अपराधियों के नाम मिले हैं। पुलिस इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मान रही है और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे डेटा को खंगाल रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।