Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर: सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी में जश्न; अब स्कूलों में अपनी 'ओळखांण' पढ़ेंगे विद्यार्थी

India-1stNews



​— ऐतिहासिक उत्सव: महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) के राजस्थानी विभाग में “आपणी भाषा राजस्थानी, आपणी ओळखांण” कार्यक्रम का आयोजन।

कुलपति का संदेश: प्रो. मनोज दीक्षित ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को सांस्कृतिक स्वाभिमान और पहचान मजबूत करने वाला कदम बताया।

रोजगार की उम्मीद: राजस्थानी भाषा के पाठ्यक्रम में शामिल होने से भविष्य में लाखों नए पदों और रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना।

बीकानेर, 13 मई (बुधवार)। राजस्थानी भाषा को विद्यालयी पाठ्यक्रम में शामिल करने के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) में हर्ष का माहौल है। विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिक्षाविदों और भाषा प्रेमियों ने इस निर्णय को राजस्थान की अस्मिता के लिए मील का पत्थर करार दिया।

सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव और भविष्य की राह

​कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रत्येक राजस्थानी की मातृभाषा और पहचान को वैश्विक पटल पर मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि अब प्रदेशवासी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से अधिक मजबूती से जुड़ सकेंगे। विभाग प्रभारी डॉ. लीला कोर ने इसे वर्षों से लंबित मांग की सुखद परिणति बताया।

रोजगार और संवैधानिक मान्यता की उम्मीद

​कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस निर्णय के व्यावहारिक लाभों पर भी प्रकाश डाला:

  • संवैधानिक मार्ग: डॉ. गौरी शंकर प्रजापत ने कहा कि इस फैसले से राजस्थानी को 8वीं अनुसूची और राजस्थान में राजभाषा का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
  • युवाओं को अवसर: रामावतार उपाध्याय ने बताया कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के नए पद सृजित होंगे, जिससे युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा।
  • साधना का फल: डॉ. नमामि शंकर आचार्य ने इसे वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया, वहीं प्रो. अनिल छंगाणी ने भाषा को सांस्कृतिक विरासत की 'आत्मा' कहा।

विद्यार्थियों में उत्साह और जश्न

​राजस्थानी मोट्यार परिषद के राजेश चौधरी ने कहा कि अब अन्य राज्यों की तरह राजस्थानी भाषा को भी अपना सम्मान प्राप्त होगा। कार्यक्रम के दौरान विभाग के सैकड़ों विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर डॉ. मनोज आचार्य, वृंदा व्यास सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments