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गंगाशहर की महिला अपनी मासूम बेटी संग युवती के साथ फरार; पुलिस ने किया दस्तयाब, घर जाने से किया इंकार

India-1stNews



​— सोशल मीडिया से शुरू हुई कहानी: टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए सात महीने पहले हुई थी जान-पहचान; गाजियाबाद की गुलबहार उर्फ मायरा के संपर्क में आने के बाद घर से निकली महिला।

परिजनों ने लगाए बेहद संगीन आरोप: प्रार्थी (महिला के पिता) ने उपखंड अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मानव तस्करी, अवैध नेटवर्क और जबरन धर्म परिवर्तन की आशंका जताते हुए धारा 100 BNSS के तहत सर्च वारंट की मांग की।

पुलिस की समझाइश रही बेअसर: लखनऊ में पुलिस और रिश्तेदारों द्वारा समझाने के बाद भी एक-दूसरे के साथ रहने पर अड़ीं दोनों महिलाएं; समलैंगिक संबंधों और सामाजिक मर्यादाओं को लेकर क्षेत्र में गर्माई बहस।

बीकानेर, 20 जून (शनिवार)। बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र में एक ऐसा हैरान करने वाला और पेचीदा पारिवारिक व सामाजिक मामला सामने आया है, जिसने क्षेत्र के नागरिकों और पुलिस-प्रशासन के सामने एक नई कानूनी व सामाजिक पहेली खड़ी कर दी है। गंगाशहर की रहने वाली एक शादीशुदा महिला अपनी मासूम पुत्री (दोहिती) को साथ लेकर उत्तर प्रदेश की एक अविवाहित युवती के साथ घर छोड़कर चली गई।

​परिजनों द्वारा गंगाशहर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराए जाने के बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दस्तयाब (बरामद) कर लिया है। हालांकि, बरामदगी के बाद भी यह पूरा मामला कानूनी उलझनों और पारिवारिक तनाव के बीच फंसा हुआ है।

टेलीग्राम और फेसबुक से शुरू हुआ संपर्क, 16 जून को बेटी संग हुई लापता

​प्राप्त विवरण के अनुसार, गंगाशहर निवासी महिला का करीब सात महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से गाजियाबाद निवासी गुलबहार उर्फ मायरा खान ( उम्र 22 वर्ष) से संपर्क हुआ था। दोनों के बीच धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ा और यह गहरी दोस्ती में बदल गया।

​परिजनों का आरोप है कि मायरा खान के प्रभाव में आने के बाद महिला ने अपनी सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों से दूरी बना ली। गत 16 जून को महिला अचानक अपने ससुराल से अपनी मासूम बेटी को साथ लेकर बिना बताए निकल गई। जब काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परेशान होकर परिजनों ने गंगाशहर पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

लखनऊ में लोकेशन मिलने पर पहुंची पुलिस; साथ रहने की जिद पर अड़ीं दोनों महिलाएं

​गंगाशहर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सेल की मदद से महिला के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लिया। साइबर सेल को उसकी लोकेशन लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में मिली। इसके बाद बीकानेर पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हुई।

  • लखनऊ में मिलीं तीनों: पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से लखनऊ में दबिश देकर गंगाशहर की महिला, उसकी मासूम बेटी और गाजियाबाद की मायरा खान को एक साथ दस्तयाब कर लिया और उन्हें स्थानीय थाने लेकर आई।
  • समझाइश रही पूरी तरह फेल: थाने में बीकानेर पुलिस, महिला के पति और वहां पहुंचे पीहर व ससुराल पक्ष के रिश्तेदारों ने महिला को अपनी मासूम बच्ची के भविष्य और सामाजिक मर्यादाओं का हवाला देकर घर लौटने की काफी समझाइश की। लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला ने अपने पति और परिवार के पास वापस लौटने से साफ इंकार कर दिया। दोनों ने पुलिस के समक्ष स्पष्ट कहा कि उनके बीच आपसी भावनाएं (फीलिंग्स) हैं और वे अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ ही जीवन बिताना चाहती हैं। इस जिद के चलते परिजन गहरे सदमे में हैं।

पिता पहुंचे उपखंड अधिकारी के पास; मानव तस्करी और अंगों के अवैध व्यापार के संगीन आरोप

​इस पूरे घटनाक्रम के बीच, पीड़ित महिला के पिता (प्रार्थी) ने उपखंड अधिकारी (SDM) बीकानेर के समक्ष उपस्थित होकर एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। इस प्रार्थना पत्र में प्रार्थी ने गाजियाबाद निवासी गुलबहार उर्फ मायरा खान के खिलाफ अत्यंत संगीन और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।

​प्रार्थना पत्र में दावा किया गया है कि आरोपी महिला सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर की सीधी-सादी महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाती है और उनका एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो कथित रूप से मानव तस्करी, अवैध धर्म परिवर्तन, देह व्यापार और मानव अंगों की खरीद-फरोख्त जैसे अवैध धंधों में संलिप्त है। प्रार्थी ने उपखंड अधिकारी से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 100 के तहत सर्च वारंट जारी करने, अपनी पुत्री और नातिन को तुरंत दस्तयाब कराकर सुरक्षित सौंपने तथा आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। हालांकि, प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रार्थना पत्र में लगाए गए इन गंभीर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बदलते सामाजिक परिवेश और समलैंगिकता पर छिड़ी बहस

​इस अनोखे मामले के सामने आने के बाद बीकानेर के सामाजिक और कानूनी हल्कों में समलैंगिक संबंधों (Same-Sex Relationships) और सामाजिक मर्यादाओं को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। स्थानीय प्रबुद्धजनों का कहना है कि एक समय था जब परिवारों में बहू-बेटियों की सुरक्षा केवल बाहरी तत्वों या पुरुषों से की जाती थी, लेकिन डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में अब लड़कियों के जरिए ही महिलाओं के प्रभावित होने के मामले सामने आने लगे हैं। चूंकि सहेलियों या लड़कियों के बीच बातचीत को समाज में सामान्य मित्रता माना जाता है, इसलिए परिवार के लोग शुरुआती दौर में किसी खतरे का अंदाजा नहीं लगा पाते।

​इस मामले में महिला द्वारा सात फेरों के बंधन, पति के समर्पण और अपनी स्वयं की संतान के भविष्य को दांव पर लगाकर एक अन्य युवती के साथ रहने की जिद को लेकर लोग इसे मानसिक भटकाव और स्वार्थ से जोड़कर देख रहे हैं। समलैंगिकता के अधिकारों पर पूर्व में देश की सर्वोच्च अदालत में लंबी बहसें हो चुकी हैं, जिसमें विभिन्न पौराणिक कथाओं के तर्क भी दिए गए थे, परंतु व्यावहारिक धरातल पर ऐसे मामले भारतीय पारिवारिक ढांचे और बच्चों के भविष्य को गहरे संकट में डाल रहे हैं। फिलहाल, गंगाशहर थाना पुलिस और उपखंड प्रशासन इस पूरे मामले में कानूनी पहलुओं, महिला के बालिग होने के अधिकारों और पिता द्वारा लगाए गए आरोपों की बारीकी से जांच कर रहा है।

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