— अभियान बेअसर, रफ्तार का कहर: 38वें सड़क सुरक्षा माह और विशेष चेकिंग के दावों के बीच 19 दिन में 267 से अधिक घायल पहुंचे ट्रॉमा सेंटर।
— गजनेर रोड पुलिया पर महिला को कुचला: तेज रफ्तार निजी बस ने सुरजनसर निवासी किरण देवी को उतारा मौत के घाट; बाइक राइडर मोहित धीर गंभीर घायल।
— लूणकरणसर में लोक परिवहन बस ने बाइक को रौंदा: गैस गोदाम के पास एनएच-62 पर आमने-सामने की भिड़ंत; चक 295 निवासी युवक चेतराम की मौके पर ही मौत।
— देशनोक ओवरब्रिज पर दो कारें आपस में भिड़ीं: भीषण टक्कर में कार के उड़े परखच्चे; ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर गर्भवती महिला सहित 3 घायलों को निकाला बाहर।
बीकानेर, 20 जून (शनिवार)। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने, यातायात नियमों की पालना करवाने और आमजन में अवेयरनेस बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 38वां सड़क सुरक्षा माह और विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन, बीकानेर जिले में जमीनी स्तर पर इन सरकारी अभियानों का कोई अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है। जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों और शहरी ओवरब्रिज पर रफ्तार का खूनी खेल बदस्तूर जारी है।
जून माह के शुरुआती 19 दिनों की रिपोर्ट अत्यंत डरावनी है; इस अवधि में जिले के भीतर 19 बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर अपाहिज होने की कगार पर हैं। नियमों की अनदेखी, ओवरस्पीड, नो-हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के सफर जैसी लापरवाहियां लगातार हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रही हैं।
पहली घटना: गजनेर रोड ओवरब्रिज पर निजी बस ने महिला को कुचला, मौके पर मौत
शहर के नयाशहर व मुक्ता प्रसाद थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित गजनेर रोड ओवरब्रिज (कोठारी अस्पताल साइड) के पास शुक्रवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसा सामने आया है।
- अनियंत्रित रफ्तार ने ली जान: लालगढ़ करणी नगर निवासी बाइक राइडर मोहित धीर पुत्र अनिल धीर, पूगल रोड बंगला नगर से 55 वर्षीय श्रीमती किरण देवी पत्नी मुन्नीराम ब्राह्मण (निवासी— सुरजनसर) को उरमूल बस स्टैंड छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान गजनेर ओवरब्रिज पर पीछे से तेज गति और लापरवाही से आ रही एक निजी बस ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
- सवारी की बस के नीचे आने से मौत: टक्कर इतनी भीषण थी कि राइडर मोहित उछलकर दूर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, बाइक पर पीछे बैठीं श्रीमती किरण देवी सीधे बस के नीचे आ गईं और पहिया ऊपर से निकल जाने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद चालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे पुलिया के दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। सूचना पर नयाशहर और मुक्ता प्रसाद थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने 'खिदमतगार खादिम सोसायटी' और 'असहाय सेवा संस्थान' के सेवादारों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। घायल मोहित का पीबीएम के ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है।
दूसरी घटना: लूणकरणसर में लोक परिवहन बस और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत, चेतराम की मौत
सड़क हादसे की दूसरी बड़ी और दर्दनाक वारदात लूणकरणसर थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-62 (NH-62) पर घटित हुई। शुक्रवार सुबह लूणकरणसर कस्बे के गैस गोदाम व उरमूल ट्रस्ट के पास सड़क मार्ग पर सनसनी फैल गई।
पुलिस के अनुसार, श्रीगंगानगर से बीकानेर की ओर आ रही एक लोक परिवहन सेवा की तेज रफ्तार बस ने सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण और आमने-सामने की थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार युवक चेतराम निवासी— चक 295, लूणकरणसर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हाईवे पर हुए इस भीषण एक्सीडेंट के बाद दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। लूणकरणसर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटवाया और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
तीसरी घटना: देशनोक ओवरब्रिज पर टकराईं दो कारें; गर्भवती सुशीला सहित तीन घायल
वहीं, देशनोक थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीकानेर-जोधपुर हाईवे पर स्थित देशनोक ओवरब्रिज पर दो कारों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में एक गर्भवती महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
रिपोर्ट के अनुसार, बीकानेर से ढिंगसरी गांव की ओर जा रही एक कार जैसे ही देशनोक ओवरब्रिज के पुल पर चढ़ रही थी, तभी सामने से आ रही दूसरी तेज रफ्तार कार से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। हादसा होते ही पुल पर मौजूद ग्रामीण व राहगीर गोपाल दान, झंवरलाल, दिनेश दान, जगदीश दान, राकेश सेन और रामधन सुथार तुरंत मदद के लिए पहुंचे।
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए कार के क्षतिग्रस्त दरवाजों को खोलकर अंदर फंसी गर्भवती महिला सुशीला और हुकुम सिंह सहित सभी सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने निजी वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया।
डॉ. एल.के. कापिल (सीएमओ, पीबीएम ट्रॉमा सेंटर, बीकानेर) का बयान:
"संभाग का सबसे बड़ा क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा सेंटर होने के कारण बीकानेर शहर के साथ-साथ श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर और जैसलमेर बॉर्डर से भी घायल मरीज यहां रेफर होकर पहुंच रहे हैं। जून के महज 19 दिनों में ही 267 से अधिक एक्सीडेंट से ग्रसित मरीज हमारे पास आए हैं। इनमें से 14 अत्यंत गंभीर मरीजों की इलाज के दौरान मौत हुई है। हेड इंजरी (सिर की चोट) के अधिकांश मामलों में हेलमेट न पहनना मौत की मुख्य वजह बन रहा है।"


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