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पीबीएम ‘टॉर्चर रूम’ वीडियो पर बड़ा एक्शन: बाल पकड़कर तीमारदार को पीटने वाले टेक्नीशियन और अटेंडेंट को नौकरी से निकाला; ऑन-ड्यूटी गायब रेजिडेंट डॉक्टर पर भी गिरेगी गाज

India-1stNews



​— त्वरित विधिक कार्रवाई: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और चौतरफा आक्रोश के बाद हरकत में आया पीबीएम अस्पताल प्रशासन; उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में लिया गया कड़ा फैसला।

नौकरी से किया बर्खास्त: तीमारदार को बाल पकड़कर लैब में घसीटने वाले संविदा टेक्नीशियन और थप्पड़ मारते समय मूकदर्शक बनकर वीडियो बनाने वाले अटेंडेंट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त।

रेजिडेंट डॉक्टर रडार पर: शनिवार रात वारदात के समय माइक्रोबायोलॉजी लैब से गायब रहने वाले ऑन-ड्यूटी रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की विधिक सिफारिश।

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: घटना के विरोध में कांग्रेसी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने अस्पताल अधीक्षक को सौंपकर 24 घंटे में विधिक एक्शन की उठाई थी मांग।

बीकानेर, 10 जून (बुधवार)। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम (PBM) अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब को 'टॉर्चर रूम' बनाकर एक बेबस मरीज के परिजन (तीमारदार) के बाल पकड़कर सरेआम थप्पड़ जड़ने वाले दबंग कर्मचारियों पर आखिरकार विधिक और प्रशासनिक हंटर चल गया है। मानवता और चिकित्सा पेशे को शर्मसार करने वाले इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पीबीएम अस्पताल प्रबंधन ने एक आपातकालीन विधिक कमेटी की बैठक बुलाई।

​कमेटी की विधिक सिफारिशों के आधार पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने ठेके (संविदा) पर कार्यरत मुख्य आरोपी टेक्नीशियन और उसका सहयोग करने वाले अटेंडेंट को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (सेवाएं समाप्त) कर दिया है। इसके साथ ही, वारदात के समय अपनी विधिक ड्यूटी से नदारद रहने वाले जिम्मेदार रेजिडेंट डॉक्टर पर भी गाज गिरी है।

क्या थी पूरी वारदात? रिपोर्ट लेने गए तीमारदार के गाल पर जड़े थे चांटे

​प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी अमानवीय घटना 6 जून (शनिवार) की देर रात की है। एक लाचार मरीज का परिजन अपने मरीज की विधिक जांच रिपोर्ट (मेडिकल रिपोर्ट) लेने के लिए रात के समय माइक्रोबायोलॉजी लैब पहुंचा था। वहां काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों से रिपोर्ट की देरी या किसी बात को लेकर सामान्य कहासुनी हो गई।

​बातचीत इतनी बढ़ गई कि वहां ठेके पर तैनात दबंग टेक्नीशियन ने विधिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर तीमारदार युवक के सिर के बाल पकड़ लिए और उसे जबरन घसीटते हुए लैब के भीतर खींच कर ले गया। टेक्नीशियन युवक के गाल पर ताबड़तोड़ चांटे मारता रहा, जबकि वहां मौजूद अस्पताल का अटेंडेंट बीच-बचाव करने के बजाय अपने मोबाइल से इस पूरी क्रूर वारदात का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, कांग्रेस ने खोला था मोर्चा

​यह खौफनाक वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म्स पर वायरल हुआ, बीकानेर के केमिस्ट जगत, प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया।

​इस घटना के विरोध में मंगलवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पीबीएम अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया को एक विधिक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में चेतावनी दी गई थी कि यदि 24 घंटे के भीतर तीमारदार की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले इन गुंडा तत्वों पर विधिक कार्रवाई नहीं हुई, तो अस्पताल के मुख्य गेट पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। चौतरफा बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बाद बुधवार को अस्पताल की अनुशासन समिति की उच्च स्तरीय विधिक बैठक बुलाई गई।

ठेका निरस्त कर दोनों को हटाया, रेजिडेंट डॉक्टर को अनुशासन समिति का नोटिस

​पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने इस विधिक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया:

  • दोषी कर्मचारी बर्खास्त: वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तीमारदार को बाल पकड़कर पीटने वाले संविदा टेक्नीशियन और मूकदर्शक बनकर वीडियो बनाने वाले संविदा अटेंडेंट को विधिक रूप से दोषी मानते हुए ठेका फर्म को उन्हें तुरंत प्रभाव से पीबीएम से कार्यमुक्त और ब्लैकलिस्ट करने के विधिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
  • रेजिडेंट पर अनुशासनात्मक कार्रवाई: अधीक्षक ने बताया कि सबसे गंभीर बात यह थी कि जब लैब के भीतर यह पूरा बवाल और मारपीट चल रही थी, तब वहां सुरक्षा और वार्ड की जिम्मेदारी संभालने वाले ऑन-ड्यूटी रेजिडेंट डॉक्टर (Resident Doctor) अपनी सीट से पूरी तरह गायब थे। ड्यूटी से इस प्रकार अनाधिकृत रूप से नदारद रहने को घोर विधिक लापरवाही माना गया है।

​प्रशासन ने संबंधित रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ कड़ा विधिक रुख अपनाते हुए उन्हें पीबीएम की मुख्य अनुशासन समिति (Disciplinary Committee) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय जांच की विधिक सिफारिश चिकित्सा निदेशालय जयपुर को भेजी जा रही है।

​गौरतलब है कि पीबीएम अस्पताल की यह माइक्रोबायोलॉजी लैब पहले से ही अपनी संदिग्ध कार्यप्रणाली, दलालों की सक्रियता और स्टाफ की बदसलूकी को लेकर विवादों में रही है और पूर्व में भी इस लैब के कई संदेहास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इस त्वरित विधिक कार्रवाई के बाद बीकानेर के नागरिकों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।


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