— बज्जू और महाजन के अपराधी रडार पर: हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) मामलों में शामिल बदमाशों की कुंडली तैयार; थानों में दर्ज होंगे नाम।
— साहबराम के खिलाफ सर्वाधिक 10 मामले: सुंई गांव के साहबराम सहित भंवरसिंह और बजरंग खीचड़ की हर गतिविधि पर अब 24 घंटे पुलिस रखेगी पैनी नजर।
— अपराध जगत में मचा हड़कंप: एसपी कार्यालय से मंगलवार को जारी हुए कड़े आदेश; बीकानेर पुलिस का साफ संदेश— शांति भंग करने वालों से निपटा जाएगा सख्ती से।
बीकानेर, 23 जून (मंगलवार)।
बीकानेर जिला पुलिस ने राजस्थान पुलिस के मूल स्लोगन ‘आमजन में विश्वास एवं अपराधियों में भय‘ को धरातल पर पूरी मजबूती से लागू करते हुए क्षेत्र के आदतन और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ एक और बेहद कड़ा कदम उठाया है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) श्री मृदुल कच्छावा ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार वारदातों को अंजाम देने वाले और आम जनता की सुरक्षा व कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा सिरदर्द बने तीन शातिर अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट (History-sheet) खोलने के कड़े आदेश जारी किए हैं।
एसपी कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी किए गए इन आदेशों के बाद संबंधित थानाधिकारियों को पाबंद किया गया है कि वे इन नए हिस्ट्रीशीटर्स की दैनिक गतिविधियों, इनके मददगारों और उठने-बैठने वाले ठिकानों पर लगातार पैनी नजर (गोपनीय निगरानी) रखें।
इन 3 शातिर अपराधियों की खुली हिस्ट्रीशीट, देखें पूरा रिकॉर्ड:
जिला पुलिस प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिन तीन अपराधियों को हिस्ट्रीशीटर घोषित कर थानों के 'ब्लैक बुक' रिकॉर्ड में शामिल किया गया है, उनका पूरा आपराधिक ब्योरा इस प्रकार है:
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अपराधी का नाम व उम्र |
निवासी / थाना क्षेत्र |
दर्ज गंभीर मामलों की संख्या |
मुख्य आपराधिक धाराएं व प्रकृति |
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1. भंवरसिंह (23 वर्ष) |
बेरा देदावतान, थाना बज्जू |
08 मामले |
हत्या का प्रयास (जानलेवा हमला), मारपीट और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट। |
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2. बजरंग खीचड़ (32 वर्ष) |
मोडायत, थाना बज्जू |
06 मामले |
मारपीट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार), राजकार्य में बाधा व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना। |
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3. साहबराम (35 वर्ष) |
सुंई, थाना महाजन |
10 मामले |
मारपीट, चोरी, हत्या का प्रयास और एनडीपीएस (NDPS - मादक पदार्थ तस्करी) एक्ट। |
24 घंटे होगी निगरानी; कोर्ट और थानों में लगानी होगी हाजिरी
थानाधिकारी बज्जू और थानाधिकारी महाजन को निर्देशित किया गया है कि इन अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद अब इनका पूरा रिकॉर्ड डिजिटल और ऑफलाइन रजिस्टर में मेंटेन किया जाए। हिस्ट्रीशीटर बनने के बाद इन तीनों बदमाशों को अब अनिवार्य रूप से समय-समय पर संबंधित थानों में आकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी होगी।
यदि ये बिना पुलिस को सूचना दिए अपने गांव या जिले से बाहर जाते हैं, या किसी संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, तो पुलिस इन्हें तुरंत हिरासत में लेगी।
एसपी मृदुल कच्छावा के इस कड़े और ताबड़तोड़ एक्शन के बाद बीकानेर संभाग के अन्य सक्रिय बदमाशों और गैंगस्टरों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। पुलिस के आला अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि बीकानेर जिले की शांति व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पुलिस के लिए सर्वोपरि है। यदि कोई भी व्यक्ति या गैंग क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ इसी तरह जिला बदर और हिस्ट्रीशीट खोलने जैसी बेहद सख्त कानूनी व प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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