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बीकानेर में दिल दहला देने वाली घटना, खेत की डिग्गी में डूबने से मां और बेटी की मौत, मासूम को बचाया

India-1stNews



​— पूरे इलाके में शोक की लहर: जालबसर गांव के खेत में बनी डिग्गी में डूबी 36 वर्षीय विवाहिता और उसकी मासूम बच्ची; गांव में छाया सन्नाटा।

— ग्रामीणों ने एक बच्चे को बचाया: पानी की सतह पर तैरते दिखे 8 वर्षीय बालक विकास को ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते निकाला सुरक्षित।

— घरेलू कलह की आशंका: प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते विवाहिता द्वारा बेटी सहित आत्मघाती कदम उठाने का अंदेशा।

— पीहर पक्ष को दी सूचना: एएसआई महेश कुमार मय जाब्ते पहुंचे मौके पर; ऊपनी गांव से पीहर पक्ष के आने के बाद उपजिला अस्पताल में होगा पोस्टमॉर्टम।

​बीकानेर, 1 जुलाई (बुधवार)। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के जालबसर गांव से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार को यहां एक खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से एक 36 वर्षीय विवाहिता और उसकी 6 साल की मासूम बेटी की मौत हो गई। वहीं, घटना के दौरान ग्रामीणों की सूझबूझ और त्वरित सूझबूझ से एक 8 वर्षीय बालक को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। इस भीषण हादसे के बाद से ही पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

​चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण, विकास को सुरक्षित निकाला

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालबसर गांव के पास स्थित एक कृषि कुएं (खेत) की डिग्गी में सावित्री (36) पत्नी हनुमानराम जाट और उसकी 6 वर्षीय पुत्री ज्योति अचानक डूब गईं। इसी दौरान वहां मौजूद 8 वर्षीय बालक विकास पानी की सतह पर तैरता हुआ दिखाई दिया।

​खेत से चीख-पुकार और रोने की आवाजें सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए डिग्गी में छलांग लगाई और भारी मशक्कत के बाद बालक विकास को समय रहते पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, ग्रामीणों के तमाम प्रयासों और कोशिशों के बावजूद सावित्री और उसकी मासूम बेटी ज्योति को नहीं बचाया जा सका। दोनों की पानी में दम घुटने से मौत हो गई।

​पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा, शव मोर्चरी में रखवाए

​घटना की सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने के एएसआई महेश कुमार पुलिस जाब्ते के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी प्रयासों के बाद मां-बेटी के शवों को पानी की डिग्गी से बाहर निकलवाया। पुलिस ने दोनों शवों को तुरंत श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। एएसआई महेश कुमार ने बताया कि मृतका सावित्री के पीहर पक्ष (गांव ऊपनी) के परिजनों को इस दुखद हादसे की सूचना दे दी गई है। उनके अस्पताल पहुंचने के बाद ही शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

​पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव की आशंका

​पुलिस की प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों से मिल रहे इनपुट के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे प्रथम दृष्टया घरेलू कलह की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि किसी पारिवारिक विवाद के कारण उपजे गहरे मानसिक तनाव के चलते विवाहिता ने अपनी मासूम बेटी के साथ डिग्गी में छलांग लगा दी। हालांकि, वास्तविकता क्या है, इसके लिए श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस मृतका के पीहर पक्ष के बयानों और हर संभावित तकनीकी व सामाजिक पहलुओं पर बारीकी से अनुसंधान कर रही है।

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