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बीकानेर: एसीबी की देशव्यापी 'महा-स्ट्राइक'; राजस्थान बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और रिश्तेदार डिटेन, 1.30 करोड़ से अधिक का 'कैश' बरामद, लूणकरणसर में बस से दबोचा

India-1stNews



​— भ्रष्टाचार का 'मेगा स्कैम': गुजरात बेस्ड कंपनी को प्रतिबंधों में ढील दिलाने की एवज में तय हुई थी 1 करोड़ 20 लाख रुपए की भारी-भरकम घूस।

लूणकरणसर में फिल्मी अंदाज में ट्रैप: बस से श्रीगंगानगर 90 लाख रुपए शिफ्ट करने की फिराक में था रिश्तेदार स्वतंत्र ज्यानी; एसीबी ने ₹85 लाख कैश के साथ धरदबोचा।

ठिकानों पर छापेमारी: डायरेक्टर जुगल किशोर के ठिकाने से ₹45 लाख और बरामद; डीजी गोविंद गुप्ता के निर्देशन में प्रदेशभर के ब्यूरो महकमे में भारी हड़कंप।



बीकानेर, 7 जून (रविवार)। ​राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल यूनिट ने रविवार को सूबे के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों को हिलाकर रख देने वाले एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक रिश्वतखोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। एसीबी ने राजस्थान बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उनके सगे रिश्तेदार स्वतंत्र ज्यानी को एक करोड़ से अधिक की विधिक काली कमाई और नकद राशि के साथ डिटेन (हिरासत में) कर लिया है।

​यह पूरी धमाकेदार कार्रवाई एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता के सीधे सुपरविजन और निर्देशन में अंजाम दी गई है, जिससे पूरे राजस्थान के महकमों और आला अफसरों में हड़कंप मच गया है।

गुजरात की कंपनी से तय हुई थी 1.20 करोड़ की घूस, प्रतिबंधों में ढील का था सौदा

​एसीबी के उच्च पदस्थ सूत्रों और प्रारंभिक विधिक इनपुट के अनुसार, यह पूरा मामला गुजरात बेस्ड एक नामी कंपनी से जुड़ा हुआ है। इस कंपनी पर राजस्थान सरकार और बीज निगम द्वारा कुछ विधिक प्रतिबंध व ब्लैकलिस्टिंग की तलवार लटकी हुई थी।

​आरोप है कि राजस्थान बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस गुजरात बेस्ड कंपनी को नियमों और प्रतिबंधों में बड़ी ढील दिलाने तथा विधिक क्लीन चिट देने की एवज में 1 करोड़ 20 लाख रुपए की भारी-भरकम रिश्वत (Bribe Amount) तय की थी। इस सौदे की भनक एसीबी की खुफिया वििंग को लग गई थी और ब्यूरो की टीमें पिछले कई दिनों से इनके फोन रिकॉर्ड्स और मूवमेंट पर सर्विलांस लगाकर नजर रख रही थीं।

लूणकरणसर में बस रुकवाकर फिल्मी अंदाज में स्वतंत्र ज्यानी ट्रैप, 85 लाख बरामद

​इस मेगा ऑपरेशन को धरातल पर उतारने वाले बीकानेर एसीबी के एएसपी आशीष कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए एक बेहद सनसनीखेज और फिल्मी टर्निंग पॉइंट का खुलासा किया। एएसपी आशीष कुमार ने बताया:

​"ब्यूरो की टीम को रविवार सुबह पुख्ता तकनीकी इनपुट मिला था कि रिश्वत की इस काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा यानी करीब 90 लाख रुपए आज ही बीकानेर रूट से श्रीगंगानगर शिफ्ट करने की बड़ी तैयारी की जा रही है। इस सूचना पर एसीबी की टीम ने लूणकरणसर नेशनल हाईवे पर जाल बिछाया।"


​रणनीति के तहत एसीबी की टीम ने हाईवे पर आ रही एक यात्री बस को रुकवाया। बस की सघन तलाशी के दौरान उसमें सवार डायरेक्टर के रिश्तेदार स्वतंत्र ज्यानी को चिन्हित किया गया। जब स्वतंत्र ज्यानी के पास मौजूद बैग को खुलवाया गया, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। बैग के भीतर कड़क नोटों की गड्डियों के रूप में 85 लाख रुपए की भारी कैश राशि मौजूद थी। एसीबी ने बिना समय गंवाए स्वतंत्र ज्यानी को लूणकरणसर में ही नकद राशि के साथ डिटेन कर लिया।

डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई भी डिटेन, घर की तलाशी में मिले 45 लाख और

​लूणकरणसर में स्वतंत्र ज्यानी से मौके पर हुई कड़ाई से पूछताछ और इनपुट के आधार पर एसीबी की दूसरी विशेष टीम ने तुरंत जयपुर और बीकानेर-गंगानगर में मौजूद बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई को भी तत्काल प्रभाव से डिटेन कर लिया। इसके तुरंत बाद एसीबी की सर्च विंग ने जुगल किशोर विश्नोई के ठिकानों और निजी आवासों पर एक साथ औचक छापेमारी (रेड) शुरू की। डायरेक्टर के ठिकानों पर चली लंबी सर्च के दौरान 45 लाख रुपए की अतिरिक्त नकद राशि और कई बेनामी संपत्तियों के विधिक दस्तावेज बरामद हुए हैं।

अब तक 1 करोड़ 30 लाख से अधिक कैश बरामद, नोट गिनने की मशीनें मंगवाई

​एसीबी सूत्रों के अनुसार, लूणकरणसर से बरामद 85 लाख और ठिकानों से मिले 45 लाख रुपए को मिलाकर अब तक की कार्रवाई में कुल 1 करोड़ 30 लाख रुपए से अधिक की अकूत नकदी (Black Money) बरामद हो चुकी है। बरामद रकम इतनी ज्यादा है कि नोटों की विधिक गिनती के लिए एसीबी को स्टेट बैंक से नोट गिनने की विशेष मशीनें मंगवानी पड़ी हैं।

​मौके पर एडीएसपी आशीष कुमार और पुलिस निरीक्षक (CI) इन्द्रकुमार मय जाब्ते के साथ पूरी विधिक जब्ती, पंचनामा और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने की कागजी कार्रवाई में जुटे हुए हैं।

​ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस रैकेट में बीज निगम के कुछ अन्य उच्चाधिकारियों और सचिवालय स्तर के कार्मिकों की संलिप्तता की भी प्रबल आशंका है, जिसके संबंध में गहन अनुसंधान जारी है। सोमवार को दोनों आरोपियों को विशेष एसीबी कोर्ट के समक्ष पेश कर रिमांड मांगी जाएगी।


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