— रणक्षेत्र बना मेडिकल कॉलेज: प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामले में भड़का सियासी लावा; मंत्री के सामने नारेबाजी कर अंदर घुस रहे प्रदर्शनकारियों पर खाकी ने किया बल प्रयोग।
— सड़क पर घसीटी गईं महिला कार्यकर्ता: यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवर कूकना पर बरसीं लाठियां; गेट फांदने की कोशिश कर रही महिला विंग को पुलिस ने धक्के देकर खदेड़ा।
— वीआईपी कल्चर की खुली पोल: मंत्री खींवसर के आने से ठीक पहले रातों-रात हुआ जर्जर पीबीएम का रंग-रोगन; थूक और पीक के निशानों को नए पेंट से ढका, सफाई व्यवस्था चकाचक।
— अनिश्चितकालीन धरना शुरू: कांग्रेस ने निकाली आक्रोश रैली; जिला अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और मदन गोपाल मेघवाल बोले— "जब तक दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।"
बीकानेर, 11 जून (गुरुवार)। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम (PBM) अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी फेल होने और मौतों के संदेहास्पद विधिक मामले ने अब एक भीषण राजनीतिक और हिंसक संग्राम का रूप अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को हालात की समीक्षा करने और एम्स की विधिक रिपोर्ट लेने बीकानेर पहुंचे सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के दौरे के दौरान पीबीएम अस्पताल और एसपी मेडिकल कॉलेज का पूरा परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
अस्पताल की चरमराई व्यवस्थाओं और कथित 'कातिल इंजेक्शनों' के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने भारी लाठीचार्ज (बल प्रयोग) कर दिया। खाकी ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और कई दिग्गज नेताओं को विधिक हिरासत में ले लिया।
मंत्री के आते ही गरमाया माहौल, बैरिकेड्स तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के विधिक मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी और यूथ कांग्रेस के बैनर तले गुरुवार सुबह से ही शहर में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली जा रही थी। रैली के बाद कांग्रेसी नेताओं ने पीबीएम अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था।
इसी बीच दोपहर को जैसे ही सूचना मिली कि चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर आला अधिकारियों के साथ एसपी मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक ब्लॉक में विधिक बैठक लेने पहुंचे हैं, धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भंवर कूकना के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट की तरफ कूच कर दिया और सुरक्षा घेरे को तोड़कर भीतर घुसने का प्रयास किया।
पुलिस का लाठीचार्ज: भंवर कूकना को जमीन पर गिराया, महिला कार्यकर्ताओं को धकेला
बढ़ती भीड़ और कड़े विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर तैनात भारी पुलिस जाब्ते और आरएसी की टुकड़ियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए विधिक बल प्रयोग शुरू कर दिया। देखते ही देखते पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं, जिससे परिसर में भारी भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई:
- युवा अध्यक्ष रडार पर: पुलिस ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भंवर कूकना पर लाठियां बरसाईं। चश्मदीदों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने कूकना की कॉलर पकड़ी, उन्हें सड़क पर नीचे गिराया और घसीटते हुए विधिक वाहन में डालकर हिरासत में ले लिया।
- महिला विंग से बदसलूकी का आरोप: जब कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने रोष जताते हुए मेडिकल कॉलेज के लोहे के गेट को फांदकर अंदर घुसने की कोशिश की, तो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें बेरहमी से पकड़कर पीछे खींचा, जिससे कई महिला नेता असंतुलित होकर सड़क पर गिर गईं। पुलिस ने धक्के देकर पूरी भीड़ को खदेड़ दिया।
tragedy के बीच 'वीआईपी' दिखावा: रातों-रात चमकाया गया जर्जर अस्पताल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीबीएम अस्पताल प्रशासन का एक बेहद संवेदनहीन और दोगला चेहरा भी बेनकाब हो गया। जिन वार्डों और गैलरियों में पिछले कई महीनों से जर्जर दीवारें थीं, गंदगी का अंबार था और गुटके-पान की पीक के लाल निशान बिखरे पड़े थे, उन्हें मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के कदम रखने से ठीक पहले रातों-रात चमका दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में पूरे परिसर में नया रंग-रोगन (पेंट) करवा दिया। दीवारों से उखड़े हुए प्लास्टर को छुपाने के लिए आनन-फानन में पुट्टी की गई और पूरी गैलरी को चमका दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि काश इतनी मुस्तैदी और सफाई प्रसूताओं के ऑपरेशन के समय रखी जाती, तो आज 6 माताओं की जिंदगी दांव पर न लगी होती।
पूरे प्रदेश को झकझोरने वाले मामले में कांग्रेस की 3 विधिक मांगें
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, पूर्व संसदीय सचिव मदन गोपाल मेघवाल और युवा नेता सुमित कोचर ने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की विधिक स्थिति वेंटिलेटर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन के सामने मुख्य रूप से ये मांगें रखी हैं:
- प्रसूताओं की किडनी फेल होने और घटिया दवाओं/इंजेक्शनों की टेंडर प्रक्रिया की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) करवाई जाए।
- दोषी डॉक्टरों, पीबीएम के प्रशासनिक अधिकारियों और घटिया ड्रग्स सप्लाई करने वाली दवा कंपनियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सीधे बर्खास्त किया जाए।
- पीबीएम अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर्स (OT) की हाइजीन ऑडिट करवाई जाए और स्वास्थ्य ढांचे में तत्काल विधिक सुधार किया जाए।
इस हाई-वोल्टेज प्रदर्शन में जिया उर रहमान, यशपाल गहलोत, श्रीकिशन गोदारा सहित बीकानेर संभाग के हजारों कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। लाठीचार्ज के बाद से ही बीकानेर शहर में राजनीतिक तनाव चरम पर है और कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक विधिक कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आएगी, उनका यह अनिश्चितकालीन धरना और आंदोलन कतई समाप्त नहीं होगा।



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