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बीकानेर में ऑनर किलिंग व डैथ मिस्ट्री: लिव-इन में रह रही गर्भवती महिला की बेरहमी से पिटाई के बाद जहर देकर हत्या; परिजनों को बिना बताए रात 3 बजे श्मशान में जलाया शव

India-1stNews



​— गर्भ में पल रहे बच्चे पर था विवाद: इंदपालसर हिरावतान के रामावतार नायक और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप; 'बच्चा मेरा नहीं है' कहकर कविता मेघवाल से की थी बर्बर मारपीट।

रास्ते में जहर देने का आरोप: तबीयत बिगड़ने पर बीकानेर ले जाते समय रास्ते में खिलाया जहरीला पदार्थ; 3 जून को हुई मौत के बाद सुबूत मिटाने के लिए गुपचुप किया अंतिम संस्कार।

इस्तगासे से नामजद मुकदमा दर्ज: मृतका के पिता भागुराम मेघवाल ने 6 आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया केस; देह-शोषण, गहने हड़पने और शव को खुर्द-बुर्द करने की धाराओं में जांच शुरू।

बीकानेर, 17 जून (बुधवार)। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदपालसर हिरावतान गांव से एक बेहद खौफनाक, अमानवीय और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ अपने पति को छोड़कर एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप (लिव-इन संबंध) में रह रही एक गर्भवती महिला की उसके पार्टनर और उसके परिजनों ने मिलकर पहले बेरहमी से पिटाई की और बाद में उसे जहर देकर मौत के घाट उतार दिया।

​सनसनीखेज बात यह है कि आरोपियों ने पुलिस और मृतका के पीहर पक्ष को भनक तक नहीं लगने दी और विधिक पोस्टमार्टम करवाए बिना ही सुबूत नष्ट करने के उद्देश्य से रात के घने अंधेरे में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का खुलासा तब हुआ जब मृतका के पिता ने कोर्ट की शरण लेकर श्रीडूंगरगढ़ थाने में इस्तगासे (परिवाद) के जरिए हत्या और सुबूत मिटाने का संगीन मुकदमा दर्ज करवाया।

पति को छोड़कर रामावतार नायक के साथ लिव-इन में रह रही थी कविता

​श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर अभयसिंहपुरा निवासी परिवादी भागुराम मेघवाल ने कोर्ट के माध्यम से मामला दर्ज कराया है।

  • लिव-इन में थी पीड़िता: भागुराम ने बताया कि उनकी पुत्री कविता मेघवाल का विवाह पूर्व में इंदपालसर हिरावतान निवासी राजूराम मेघवाल के साथ हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद कविता अपने पति राजूराम को छोड़कर उसी गांव के रामावतार नायक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी थी और वह वर्तमान में गर्भवती थी।
  • पति ने खुद देखी थी मारपीट: रिपोर्ट के अनुसार, गत 1 जून को कविता का पूर्व पति राजूराम मेघवाल जब अपने खेत की तरफ जा रहा था, तो उसने रास्ते में देखा कि आरोपी रामावतार नायक, उसके पिता मेघाराम, मां रुखमा, भाई अजयपाल, बहन मंजू और नानूराम जाट मिलकर कविता को घेरकर बेरहमी से लातों और थप्पड़ों से पीट रहे थे। आरोपी चिल्ला रहे थे कि कविता के गर्भ में पल रहा बच्चा रामावतार का नहीं है और वे उस बच्चे को गिराने (गर्भपात कराने) के लिए दबाव बना रहे थे।

पीटने से हुई बेहोश, बीकानेर ले जाते समय रास्ते में जहर देने का आरोप

​बदमाशों की इस बर्बर मारपीट के कारण गर्भवती कविता अचेत (बेहोश) होकर सड़क पर गिर गई और उसकी हालत नाजुक हो गई। पकड़े जाने के डर से आरोपी तुरंत उसे संभालकर श्रीडूंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल लेकर आए, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रैफर कर दिया।

​मृतका के पिता भागुराम ने पुलिस रिपोर्ट में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर ले जाने के दौरान रास्ते में आरोपी रामावतार और उसके परिजनों ने कविता को जबरन कोई जहरीला पदार्थ (जहर) खिला दिया, ताकि वह होश में आने पर उनके खिलाफ पुलिस में बयान न दर्ज करा सके। जहर के असर और अंदरूनी चोटों के कारण 3 जून को कविता की दर्दनाक मौत हो गई।

रात 3 बजे श्मशान में जला दी लाश, न पुलिस को बताया और न करवाया पोस्टमार्टम

​कविता की मौत हो जाने के बाद आरोपियों ने अपने गुनाह पर पर्दा डालने और विधिक साक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट करने के लिए एक खौफनाक साजिश रची। वे कविता के शव को पीबीएम अस्पताल से वापस चुपचाप अपने गांव इंदपालसर हिरावतान लेकर आए।

​आरोपियों ने न तो श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस को इसकी सूचना दी और न ही मृतका के पीहर पक्ष (माता-पिता) को उसकी मौत के बारे में बताया। सुबूत मिटाने के उद्देश्य से बिना पोस्टमार्टम कराए, रात करीब 3:00 बजे गांव के सुनसान श्मशान घाट में ले जाकर शव को गुपचुप तरीके से जला दिया। सुबह होने से पहले ही पूरी लाश को राख और सुबूतों सहित खुर्द-बुर्द कर नष्ट कर दिया गया।

देह-शोषण और गहने हड़पने की धाराओं में केस दर्ज, एसआई मोहनलाल करेंगे जांच

​मृतका के लाचार पिता ने आरोपियों पर पिछले एक साल से उसकी पुत्री को बंधक बनाकर रखने, उसका लगातार शारीरिक व मानसिक देह-शोषण करने, उसके सोने-चांदी के कीमती गहने हड़प लेने, जानलेवा हमला करने, जहर देकर मार डालने और बिना विधिक प्रक्रिया के शव को जलाकर सुबूत नष्ट करने के आरोप लगाते हुए 6 लोगों के खिलाफ सामूहिक नामजद केस दर्ज करवाया है।

​श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी ने मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता और ऑनर किलिंग के पहलुओं को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या, किडनैपिंग, और सुबूत नष्ट करने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत और गहन जांच उपनिरीक्षक (SI) मोहनलाल को सुपुर्द की गई है। एसआई मोहनलाल की टीम बुधवार शाम को ही एफएसएल (FSL) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ इंदपालसर हिरावतान गांव के श्मशान घाट पहुंची, जहां से मृतका की अस्थियों और चिता की राख के डिजिटल व वैज्ञानिक सैंपल कलेक्ट किए गए हैं, ताकि डीएनए (DNA) जांच के जरिए अपराध को विधिक रूप से साबित किया जा सके। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।

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