— 65 लाख की खेप, बोलेरो जब्त: सोमवार रात हुई बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने थार गाड़ी के इनपुट के बाद अब तस्करी में प्रयुक्त सफेद रंग की बोलेरो कार भी की जब्त; दो और सप्लायर गिरफ्तार।
— 5-5 लाख के बंडलों का 'काला खेल': आरोपियों ने 500-500 रुपये की 10-10 गड्डियों के पैकेट बना रखे थे; हर गड्डी में ऊपर और नीचे असली नोट, लेकिन बीच में सिर्फ बॉर्डर प्रिंटेड सादे कागज।
— चूरू और लूणकरणसर से जुड़े तार: पकड़े गए दोनों युवक सारोठिया (चूरू) और बामनवाली (लूणकरणसर) के निवासी; जाली नोटों के छपाई नेटवर्क और हवाला कारोबारी की तलाश में दबिश।
बीकानेर, 23 जून (मंगलवार) बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार रात पकड़े गए जाली नोटों और फर्जी करेंसी के महा-नेटवर्क में पुलिस को एक और बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी मृदुल कच्छावा के कड़े रुख के बाद अब इस पूरे रैकेट के तार अंतरजिला हवाला कारोबार और ब्लैक मनी एक्सचेंज से पूरी तरह जुड़ गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बोलेरो कार को जब्त किया है और इसके साथ ही सप्लाई देने आए दो शातिर युवकों को रंगे हाथों दबोच लिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह करीब 65 लाख रुपये की भारी-भरकम फर्जी रकम को हवाला चैनल के माध्यम से बाजार में असली नोटों के बदले खपाने की फिराक में था।
ठगी का पैटर्न: 5-5 लाख के बंडलों में 500 के नोटों की 'जादूगरी'
शुरुआती पुलिस इनपुट और जांच में इस गिरोह द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी का जो तरीका सामने आया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है:
- 500-500 की गड्डियों का खेल: आरोपियों के पास से बरामद की गई कुल 65 लाख रुपये की इस बड़ी खेप को बहुत ही शातिर तरीके से पैक किया गया था। आरोपियों ने 500-500 रुपये की 10-10 गड्डियों को मिलाकर 5-5 लाख रुपये के विशेष बंडल (पैकेट) तैयार किए हुए थे।
- ऊपर-नीचे असली, बीच में बॉर्डर प्रिंट: इन बंडलों को इस तरह सेट किया गया था कि प्रत्येक गड्डी में सबसे ऊपर का नोट और सबसे नीचे का नोट पूरी तरह असली (Genuine) होता था। लेकिन गड्डी के भीतर के सभी कागज सिर्फ नोट के साइज के सादे पन्ने थे, जिनके चारों तरफ केवल 'बॉर्डर और साइड' को प्रिंट किया गया था।
- हवाला डील में ऐसे होता था इस्तेमाल: ये नटवरलाल हवाला के अवैध लेन-देन के दौरान सामने वाली पार्टी को झांसा देने के लिए हवा में या दूर से नोटों के बंडल दिखाते थे। ऊपर-नीचे असली नोट देखकर पीड़ित झांसे में आ जाता था और अपनी असली गाढ़ी कमाई इन्हें थमा देता था।
गिरफ्तार आरोपी सारोठिया और बामनवाली के निवासी; पुराना कनेक्शन आया सामने
सोमवार रात पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों युवकों की पहचान और उनके क्षेत्रों के नाम सामने आने के बाद बीकानेर के जाली नोट नेटवर्क की कड़ियां आपस में जुड़ती दिख रही हैं:
- आरोपियों के गांव: पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों युवकों में से एक गांव सारोठिया (पुलिस थाना सुजानगढ़ सदर, जिला चूरू) का रहने वाला है, जबकि दूसरा युवक गांव बामनवाली (पुलिस थाना लूणकरणसर, बीकानेर) का निवासी बताया जा रहा है।
- पुरानी गैंग से कनेक्शन: गौरतलब है कि कल ही कोटगेट पुलिस ने साल 2023 के जाली नोट कांड में इसी सारोठिया गांव के रामावतार शर्मा को गिरफ्तार किया था और बामनवाली निवासी प्रदीप सारस्वत पहले से जेल में है। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि यह पूरा नेटवर्क उसी पुरानी सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है जो श्रीडूंगरगढ़ को केंद्र बनाकर लंबे समय से काम कर रही थी।
हवाला कारोबारी की तलाश में बीकानेर पुलिस की अलग-अलग जगहों पर दबिश
श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने बोलेरो कार सहित 65 लाख रुपये के इन साइड-प्रिंटेड फर्जी नोटों को विधिक प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से थाने में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा कड़ाई से संयुक्त पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे यह बड़ी खेप बीकानेर संभाग के एक बड़े नामी हवाला कारोबारी के इशारे पर डिलीवरी देने आए थे। इस इनपुट के बाद एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देश पर जिला विशेष टीम (DST) और श्रीडूंगरगढ़ पुलिस की अलग-अलग टीमें उस मुख्य हवाला कारोबारी और प्रिंटिंग किंगपिन की तलाश में राजस्थान और पंजाब के कई संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य सरगना के हत्थे चढ़ने के बाद बीकानेर में चल रहे कई करोड़ रुपये के हवाला और सट्टा सिंडिकेट के सफेदपोश चेहरों के नाम भी उजागर होंगे।

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