— सारस्वत परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: गुसाईंसर बड़ा से लौट रहे राजेरा निवासी रामकुमार की मौके पर ही हुई थी मौत; अब पीबीएम अस्पताल में छोटे भाई देवकरण ने भी तोड़ा दम।
— आमने-सामने की टक्कर में पलटी पिकअप: मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे हुआ था भीषण हादसा; टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।
— 30 घंटे में दो महा-हादसे: सोमवार को मुकाम से लौट रहे परिवार के 7 लोगों की मौत के बाद श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में यह दूसरा बड़ा एक्सीडेंट; कुल मौतें बढ़कर हुईं 9।
बीकानेर, 17 जून (बुधवार)। बीकानेर जिले का श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र इन दिनों भीषण सड़क हादसों और अपनों को खोने के गहरे गम में डूबा हुआ है। सोमवार को नेशनल हाईवे-11 पर एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत के सदमे से अभी लोग उबर भी नहीं पाए थे कि कालू रोड पर मंगलवार शाम को हुए कार-पिकअप हादसे से एक और अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। इस दुर्घटना में कार सवार एक और घायल युवक ने बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है।
इस मौत के बाद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 2 हो गई है, जो कि आपस में सगे भाई थे। क्षेत्र में पिछले 30 घंटे के भीतर हुए इन दो बड़े हादसों में अब तक कुल 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
रिश्तेदारी से लौट रहे थे भाई, कालू रोड पर काल बनकर आई पिकअप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे श्रीडूंगरगढ़ के कालू रोड पर एक कार और बोलेरो पिकअप के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई थी। कार में सवार होकर राजेरा निवासी रामकुमार (उम्र 40 वर्ष) पुत्र बद्रीराम सारस्वत अपने छोटे भाई देवकरण सारस्वत (उम्र 35 वर्ष) के साथ गुसाईंसर बड़ा गांव में अपनी एक रिश्तेदारी से मिलकर वापस श्रीडूंगरगढ़ की ओर लौट रहे थे।
इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप और उनकी कार में सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि रामकुमार सारस्वत की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके छोटे भाई देवकरण सहित पिकअप सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों वाहनों की रफ्तार तेज थी और भिड़ंत के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गई।
पीबीएम में जिंदगी की जंग हारा छोटा भाई, परिवार में मचा कोहराम
हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल देवकरण सारस्वत को श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रैफर किया गया था। जहाँ डॉक्टरों की विशेष विंग द्वारा उन्हें बचाने के अथक प्रयास किए गए, लेकिन आंतरिक गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रात को इलाज के दौरान देवकरण ने भी दम तोड़ दिया।
एक ही घर के दो सगे भाइयों की इस अकाल मौत की सूचना जैसे ही राजेरा गांव पहुंची, पूरे सुथार और सारस्वत समाज सहित ग्रामीण अंचल में चूल्हे तक नहीं जले। मृतक भाइयों के परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिकअप सवार 4 घायलों का इलाज जारी, समाजसेवियों ने संभाला मोर्चा
इस दर्दनाक हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई थी। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र की सक्रिय सामाजिक संस्थाएं— डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी और आपणों गांव सेवा समिति के सेवादार अपनी-अपनी आपातकालीन एम्बुलेंस लेकर तुरंत मौके पर पहुंचे। सेवाभावी युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को संभाला और श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में पिकअप सवार गिरधारीलाल जाखड़, उनकी पत्नी शारदा जाखड़, संतोष जाखड़ और गौरव टाडा गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका वर्तमान में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज जारी है।
30 घंटे में दूसरा बड़ा हादसा, पुलिस जांच में जुटी
श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाना टीम ने सूचना मिलते ही दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटवाकर रास्ता साफ करवाया। पुलिस ने इस संबंध में लापरवाही से वाहन चलाने का आपराधिक मुकदमा दर्ज कर दुर्घटना के वास्तविक तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सोमवार दोपहर और मंगलवार शाम के बीच यानी महज 30 घंटे के अंतराल में यह दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। सोमवार को हेमासर के पास हुए डंपर-कार हादसे में हरियाणा के एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई थी, और अब इस दूसरे हादसे में 2 भाइयों की जान चली गई है। लगातार हो रहे इन हादसों से पूरे बीकानेर जिले में वाहन चालकों की सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है।

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