— ठगी के पैसे खपाने का नया मॉडस ऑपेरंडी: म्युल बैंक खातों पर बीकानेर पुलिस की कड़ाई से बचने के लिए शातिरों ने मणप्पुरम फाइनेंस के ऑनलाइन गोल्ड लोन (OGL) सिस्टम का किया दुरुपयोग।
— 56 ग्राम सोने पर लोन लेकर खेल: आरोपी ने 6 बार में साइबर ठगी के कुल 25 लाख रुपये गोल्ड लोन अकाउंट में जमा करवाकर अपने खातों में प्राप्त किए।
— डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड: आरोपी ने वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 1.50 करोड़ और छत्तीसगढ़ के नागरिक से 5 लाख रुपये की ठगी की; देश भर में कई शिकायतें दर्ज।
— शराब की दुकानों का नेटवर्क: बीकानेर व कोलायत में 7 शराब दुकानों का पार्टनरशिप में संचालन; 'मातेश्वरी फर्म' के बैंक खाते से होता था अवैध राशि का लेन-देन; स्विफ्ट कार व 3 महंगे मोबाइल जब्त।
— इन अधिकारियों की टीम को मिली बड़ी कामयाबी: महानिदेशक (साइबर क्राइम) जयपुर के 'साइबर शील्ड' व 'ऑपरेशन म्युल हंटर' अभियान के तहत आईजी ओमप्रकाश व एसपी मृदुल कच्छावा के मार्गदर्शन, एएसपी चक्रवर्ती सिंह के सुपरविजन और साइबर थानाधिकारी शालिनी बजाज के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रमेश कुमार सर्वटा की टीम ने की देश की पहली अनूठी कार्रवाई।
बीकानेर, 2 जुलाई (गुरुवार)। राजस्थान के बीकानेर जिले की साइबर थाना पुलिस ने देश भर में तहलका मचाने वाली एक बेहद अनूठी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम, जयपुर) द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर शील्ड' और 'ऑपरेशन म्युल हंटर' अभियान के अंतर्गत साइबर थाना बीकानेर ने देश की पहली ऐसी कार्रवाई की है, जिसमें प्रतिष्ठित गोल्ड लोन कंपनी 'मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड' के ऑनलाइन बैंकिंग लूपहोल का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की ठगी की रकम को ठिकाने (Safe Repayment) लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया गया है।
बीकानेर पुलिस की इस विशेष टीम को मिली कामयाबी
यह बड़ी और अनूठी सफलता बीकानेर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस (IG) ओमप्रकाश (IPS) एवं जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा (IPS) के दिशा-निर्देशन में मिली है। कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के निकट सुपरविजन तथा साइबर थानाधिकारी शालिनी बजाज (RPS) के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार सर्वटा एवं साइबर थाने की विशेष तकनीकी टीम द्वारा अंजाम दिया गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह के मुख्य सक्रिय सदस्य को दबोच लिया है।
गिरफ्तारशुदा मुख्य आरोपी:
- सुनील ज्याणी, उम्र 35 वर्ष, पुत्र रोशन लाल, जाति बिश्नोई, निवासी— मिठड़िया, पुलिस थाना बज्जू, जिला बीकानेर।
तरिका-ए-वारदात (Modus Operandi): पुलिस से बचने के लिए मणप्पुरम ऐप का खेल
साइबर थानाधिकारी शालिनी बजाज ने बताया कि पुलिस द्वारा लगातार म्युल बैंक खातों (फर्जी नाम-पते पर खुले खाते) को फ्रीज किए जाने की कार्रवाई से बचने के लिए इस गिरोह ने ठगी की राशि को 'सफेद' करने का एक बिल्कुल नया और शातिर तरीका ईजाद किया था, जो इस प्रकार काम करता था:
- सोना गिरवी रखकर वैध लोन उठाना: गिरोह के सदस्य सबसे पहले मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा में जाकर पूरी तरह वैध और कानूनी रूप से अपना या किसी अन्य भोले-भाले ग्रामीण का सोना (गोल्ड) गिरवी रखते थे। कंपनी नियमों के तहत इस असली सोने के एवज में उनके लिंक बैंक खातों में 'वैध लोन राशि' (लाखों रुपये) ट्रांसफर हो जाती थी, जिसे वे इस्तेमाल कर लेते थे।
- डिजिटल अरेस्ट व ठगी: दूसरी तरफ, गिरोह के तकनीकी एक्सपर्ट्स देश के अलग-अलग राज्यों में मासूम नागरिकों को 'पुलिस' या 'सीबीआई' का डर दिखाकर 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) करते थे या भारी मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड करते थे।
- लोन अकाउंट में रीपेमेंट: पीड़ितों से ठगी गई करोड़ों रुपये की अवैध राशि को ठग अपने बैंक खातों में ट्रांसफर न करवाकर, सीधे मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के "ऑनलाइन गोल्ड लोन" (OGL) मोबाइल एप्लिकेशन में बने लोन अकाउंट में जमा (Repay) करवा देते थे।
- ट्रैकिंग से बचाव और 'शुद्ध सोना' प्राप्त करना: ठगी के पैसों से लोन चुकता होते ही, गिरवी रखा गया वास्तविक सोना कंपनी से वापस छुड़ा लिया जाता था या दोबारा नया वैध लोन जनरेट कर लिया जाता था। जब तक पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ठगी वाले बैंक खातों को ट्रैक या फ्रीज करती, तब तक वह अवैध पैसा मणप्पुरम कंपनी के सिस्टम में 'लोन भुगतान' के रूप में सेटल हो चुका होता था। इस प्रकार ठगों को अवैध नकदी के बदले सीधे 'शुद्ध और वैध सोना' या बैंकिंग चैनलों के माध्यम से 'क्लीन मनी' मिल जाती थी।
वृद्ध महिला को 1.50 करोड़ का चूना, शराब दुकानों का व्यापार
पुलिस अनुसंधान और तकनीकी बैंक रिकॉर्ड के विश्लेषण में सामने आया कि आरोपी सुनील ज्याणी पर देश के कई राज्यों में साइबर ठगी की गंभीर शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी ने छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति से इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इसके अलावा, इस शातिर गिरोह ने एक वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर उनके साथ 1.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी को अंजाम दिया था।
आरोपी सुनील ज्याणी ने मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड से 6 बार गोल्ड लोन लिया, जिसमें उसने 56 ग्राम सोने पर उठाई गई लोन राशि के एवज में साइबर ठगी के कुल 25 लाख रुपये ऑनलाइन जमा करवाकर रिडीम किए। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी सुनील पार्टनरशिप में बीकानेर शहर में 4 और कोलायत क्षेत्र में 3 (कुल 7) शराब की दुकानों का संचालन करता है। इसके लिए उसने बैंक में 'फर्म मातेश्वरी' के नाम से एक व्यावसायिक खाता खुलवा रखा था, जिसका उपयोग वह साइबर ठगी की अवैध राशि को खपाने के लिए करता था। पुलिस अब उसके अन्य बिजनेस पार्टनर्स के बैंक खातों को भी बारीकी से खंगाल रही है।
पुलिस ने जब्त किए लग्जरी वाहन और गैजेट्स
गिरफ्तारी के बाद साइबर थाना पुलिस ने आरोपी सुनील ज्याणी के कब्जे से वारदातों और नेटवर्क के संचालन में प्रयुक्त होने वाली:
- एक स्विफ्ट (Swift) कार।
- तीन अत्यंत महंगे स्मार्टफोन (मोबाइल फोन) बरामद कर जब्त किए हैं। इन मोबाइल्स से देशव्यापी साइबर क्राइम नेटवर्क के कई बड़े राज खुलने की संभावना है।
बीकानेर पुलिस की आमजन से विशेष अपील (Cyber Safety Alert)
"बीकानेर जिला पुलिस समस्त आम नागरिकों से विशेष अपील करती है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे, झांसे या किसी भी प्रकार के लालच में आकर अपने नाम से 'गोल्ड लोन' खाते अथवा बैंक खाते बिल्कुल न खुलवाएं। आपका नाम और खाता साइबर अपराधियों द्वारा काली कमाई को सफेद करने का जरिया बन सकता है, जिससे आप अनजाने में ही बहुत बड़ी कानूनी मुसीबत और जेल की सलाखों के पीछे पहुंच सकते हैं।"
📞 तत्काल सहायता: यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।

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