— श्रद्धांजलि सभा का आयोजन: श्री नई लेन ओसवाल पंचायती प्रन्यास परिसर में जुटे समाज के गणमान्य नागरिक और समाजबंधु।
— 60 वर्षों तक दी अनवरत सेवाएं: प्रन्यास के विभिन्न पदों पर रहते हुए जीवन के अंतिम क्षण तक समाज सेवा में समर्पित रहे डागा।
— प्रन्यास संरक्षक का संदेश: टोडरमल लालाणी ने शोक संदेश में स्व. डागा के दूरदर्शी नेतृत्व और अविस्मरणीय योगदान को रेखांकित किया।
— 2 मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि: लोगस्स का ध्यान कर दिवंगत पुण्यात्मा की शांति की प्रार्थना के साथ सम्पन्न हुई सभा।
गंगाशहर/बीकानेर, 1 जुलाई (बुधवार)। श्री नई लेन ओसवाल पंचायती प्रन्यास, गंगाशहर के अध्यक्ष एवं प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय चम्पालाल डागा के बीते 24 जून को हुए आकस्मिक निधन के पश्चात उनकी पावन स्मृति में प्रन्यास परिसर में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा में समाज के गणमान्य नागरिकों, प्रन्यास के पदाधिकारियों, ट्रस्टियों एवं बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने उपस्थित होकर स्वर्गीय डागा साहब को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
णमोकार महामंत्र और मंगल गीतिका से शुरुआत
प्रन्यास की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारम्भ धर्मेंद्र डाकलिया और भँवरलाल डाकलिया द्वारा णमोकार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण एवं मंगल गीतिका के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण श्रद्धा एवं आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत हो गया। इसके पश्चात प्रन्यास के उपाध्यक्ष विमल सिंह चोरड़िया ने डागा जी के प्रन्यास सहित अनेक सामाजिक संस्थानों में रहे ऐतिहासिक योगदान और उनके बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
अंतिम क्षण तक प्रन्यास को समर्पित रहा जीवन
शोक सभा के दौरान प्रन्यास के मंत्री सुरेन्द्र कुमार पटवा ने बताया कि डागा जी प्रन्यास में लगभग 60 वर्षों से विभिन्न रूपों में अपनी अनवरत सेवाएं जीवन के अंतिम क्षण तक देते रहे। सभा में प्रन्यास के संरक्षक टोडरमल जी लालाणी का विशेष श्रद्धांजलि संदेश जतन दुगड़ ने पढ़कर सुनाया। इस संदेश में स्व. चम्पालाल डागा के दूरदर्शी नेतृत्व, अद्भुत संगठन क्षमता, निस्वार्थ समाज सेवा तथा प्रन्यास के सर्वांगीण विकास में उनके अमूल्य व अविस्मरणीय योगदान का कृतज्ञतापूर्वक उल्लेख किया गया।
समाज के प्रबुद्धजनों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
श्रद्धांजलि सभा में प्रन्यास के वर्तमान व पूर्व पदाधिकारियों, न्यासियों और समाज के विभिन्न प्रबुद्धजनों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इनमें मुख्य रूप से:
- संबोधन व श्रद्धांजलि कर्ता: सहमंत्री किशनलाल बैद, मनीष बाफना, पुखराज चौपड़ा, तोलाराम बोथरा, नारायण चोपड़ा, भैरुदान सेठीया, रिद्धकरण सेठीया, अमरचन्द सोनी, दिलीप कातेला, चंचल बोथरा एवं देवकिशन मारु शामिल रहे।
सभी वक्ताओं ने स्व. डागा के सादगीपूर्ण जीवन, सेवा-समर्पण, कुशल नेतृत्व और समाज के प्रति उनके अद्वितीय योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया। कार्यक्रम का गरिमामय एवं प्रभावी मंच संचालन प्रन्यास के मंत्री सुरेन्द्र कुमार पटवा द्वारा किया गया।
परिवार ने जताया आभार, लोगस्स ध्यान से समापन
अंत में स्व. चम्पालाल डागा के परिवार की ओर से विमल जी डागा ने उपस्थित सभी समाजबंधुओं, अतिथियों एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले वक्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय चम्पालाल जी के आदर्श, उच्च संस्कार एवं समाजसेवा का भाव सदैव परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। सभा का समापन दिवंगत पुण्यात्मा की आत्मिक शांति की प्रार्थना हेतु 2 मिनट 'लोगस्स' का सामूहिक ध्यान रखकर किया गया।

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