Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर: स्मार्ट मीटर ऑफिस अग्निकांड में नया मोड़; थानाधिकारी बोले "नौकरी छूटने से तनाव में था इंजीनियर!, खुद लगाई आग", पीड़ित का आरोप "अधिकारी ने पेट्रोल डालकर जलाया"

India-1stNews



​— दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास: पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लक्ष्मण सिंह को नौकरी से हटा दिया गया था, जिससे वे तनाव में थे; जबकि पीड़ित ने लगाया सीनियर पर हत्या के प्रयास का आरोप।

थानाधिकारी विजेन्द्र सिला का बयान: उप निरीक्षक रतनसिंह की टीम कर रही है मामले की जांच; फिलहाल थाने में दर्ज नहीं हुई है कोई औपचारिक शिकायत।

मुक्ताप्रसाद क्षेत्र की घटना: पूर्व में पूगल रोड ऊन मंडी के पास बताई जा रही इस घटना का सही पुलिस थाना क्षेत्र मुक्ताप्रसाद सामने आया है।

बयानों और साक्ष्यों से खुलेगा राज: पुलिस दोनों पक्षों के बयानों, टेक्निकल इनपुट और घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कर रही है अनुसंधान।

बीकानेर, 2 जुलाई (गुरुवार)। बीकानेर के मुक्ताप्रसाद थाना इलाके में स्थित स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कार्यालय में डिवीजन इंचार्ज (इंजीनियर) लक्ष्मण सिंह राठौड़ के झुलसने के मामले में अब एक नया और बड़ा प्रशासनिक मोड़ सामने आया है। जहाँ एक तरफ पीबीएम अस्पताल के बर्न वार्ड में उपचाराधीन इंजीनियर ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी पर मारपीट कर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी तरफ मुक्ताप्रसाद थाना पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में मामला नौकरी छूटने के कारण उपजे मानसिक तनाव और आत्मघाती कदम (आत्मदाह के प्रयास) का नजर आ रहा है।

थानाधिकारी विजेन्द्र सिला बोले— अभी औपचारिक शिकायत का इंतजार

​मुक्ताप्रसाद थानाधिकारी (SHO) विजेन्द्र सिला ने मामले की ताजा स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही थाने के उप निरीक्षक (SI) रतनसिंह को मय जाब्ते तुरंत मौके पर भेजा गया था। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारिकी से मुआयना किया है।

​थानाधिकारी के अनुसार, घायल युवक लक्ष्मण सिंह (निवासी— अनूपगढ़) की ओर से अभी तक पुलिस के समक्ष कोई भी औपचारिक या लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित का पर्चा बयान लेने और लिखित शिकायत मिलने के बाद ही नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यालय स्टाफ से पूछताछ में सामने आई नौकरी छूटने की बात

​पुलिस द्वारा स्मार्ट मीटर कंपनी के कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों, चश्मदीदों और प्रबंधन से की गई प्रारंभिक पूछताछ में एक अलग कहानी सामने आई है। कार्यालय सूत्रों और पुलिस इनपुट के अनुसार, पीड़ित लक्ष्मण सिंह राठौड़ पिछले एक वर्ष से यहाँ डिवीजन इंचार्ज थे, लेकिन कुछ दिनों पहले ही कंपनी प्रबंधन द्वारा उन्हें नौकरी से निष्कासित (Terminate) कर दिया गया था।

​नौकरी छूटने के बाद से ही लक्ष्मण सिंह अत्यधिक मानसिक अवसाद और तनाव के दौर से गुजर रहे थे। पुलिस के अनुसार, इसी तनाव के चलते वे मंगलवार रात को कार्यालय पहुंचे और अपने साथ एक बोतल में छुपाकर लाया गया ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) खुद पर उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत पानी डालकर आग बुझाई, जिससे उनकी जान बच सकी।

अस्पताल के बेड से पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप

​इसके विपरीत, पीबीएम अस्पताल में करीब 40 प्रतिशत झुलसी अवस्था में भर्ती लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने अपने बयानों में कंपनी के उच्चाधिकारियों को आड़े हाथों लिया है। लक्ष्मण सिंह का आरोप है कि उन्हें मंगलवार देर रात कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बातचीत के बहाने बीकानेर कार्यालय में बुलाया था। वहां उनके पुराने काम और हिसाब-किताब को लेकर तीखा विवाद हुआ।

​आरोप है कि इस विवाद के दौरान कार्यालय के भीतर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसके बाद उक्त वरिष्ठ अधिकारी ने उन पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस लगा दी। पीड़ित का कहना है कि वे इस पूरी बर्बरता के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।

वैज्ञानिक साक्ष्यों के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

​मुक्ताप्रसाद थाना पुलिस ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया है कि इस संवेदनशील मामले में अभी किसी भी एक पक्ष के दावे को अंतिम मानकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की एफएसएल (FSL) टीम और अनुसंधान अधिकारी दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों, मौके से बरामद पेट्रोल की बोतल, झुलसे हुए कपड़ों और कार्यालय के तकनीकी साक्ष्यों (यदि वहां सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील थे) का विश्लेषण कर रहे हैं। मुक्ताप्रसाद पुलिस का कहना है कि गहन तफ्तीश के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और सच का खुलासा हो पाएगा।

Post a Comment

0 Comments