— पत्र जारी कर दी जानकारी: धर्मेंद्र प्रधान ने देश के युवाओं के नाम दो पन्नों का संदेश जारी कर पद से त्यागपत्र देने का किया खुलासा।
— NEET परीक्षा में धांधली और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद बने माहौल और देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों को बताया वजह।
— छात्रों के भविष्य की चिंता: युवाओं का समय पढ़ाई और करियर निर्माण पर केंद्रित रहे, इसलिए उठाया यह कदम।
— प्रधानमंत्री व मंत्रिमंडल का जताया आभार: कहा— देश सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी; भविष्य में भी ओडिशा की जनता और देश के युवाओं के लिए रहेंगे समर्पित।
नई दिल्ली/बीकानेर, 25 जुलाई (शनिवार)। NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और उसके बाद देश भर में उपजे भारी विवाद के बीच देश के राजनीतिक गलियारों से शनिवार को बहुत बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने स्वयं दो पृष्ठों का एक विस्तृत पत्र जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने की जानकारी साझा की है।
पत्र में NEET-UG धांधली और परिस्थितियों का किया जिक्र
शिक्षा मंत्री द्वारा जारी पत्र के अनुसार, उन्होंने पिछले 4 दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहने की बात कही। पत्र में लिखा गया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के बाद सरकार ने तुरंत संज्ञान लेकर मामला सीबीआई (CBI) को सौंपा था और पुनः परीक्षा आयोजित करवाकर 16 जुलाई को परिणाम भी घोषित कर दिए थे।
हालांकि, इसके बावजूद जंतर-मंतर पर लगातार चल रहे आंदोलन और देश में बने माहौल को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में लिखा कि युवाओं के भविष्य को भ्रम के कुचक्र से बचाने, राष्ट्र विरोधी ताकतों को लाभ न मिलने देने और विद्यार्थियों का समय कानूनी पेचीदगियों के बजाय पढ़ाई में केंद्रित रहे, इसी सोच के साथ उन्होंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेजा है।



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