— सड़क पर उतरे छात्र: लंबे समय से बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों (Student Union Elections) पर बैन हटाने और तिथि घोषित करने की मांग को लेकर NSUI ने खोला मोर्चा।
— मुख्य हाईवे किया चक्काजाम: प्रदर्शनकारी छात्र हाईवे के बीचों-बीच धरने पर बैठे; दोनों तरफ लगी वाहनों की लंबी कतारें, यात्री परेशान।
— पुलिस का हल्का बल प्रयोग: समझाने के बाद भी हाईवे खाली न करने पर पुलिस ने की कार्रवाई; कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए छात्रों को खदेड़ा।
— जिलाध्यक्ष समेत कई गिरफ्तार: पुलिस ने NSUI बीकानेर के जिलाध्यक्ष हरीराम गोदारा सहित प्रमुख छात्र नेताओं को लिया हिरासत में; पूरे संभाग में गरमाई छात्र राजनीति।
बीकानेर, 28 जुलाई (मंगलवार)। राजस्थान में पिछले काफी समय से स्थगित छात्रसंघ चुनावों को दोबारा बहाल करने की मांग ने अब उग्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार को बीकानेर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चक्काजाम खुलवाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए NSUI जिलाध्यक्ष सहित कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
हाईवे पर लगाया चक्काजाम; वाहनों की लगीं लंबी कतारें
छात्रसंघ चुनाव कराने और उस पर लगा बैन तुरंत हटाने की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ता सुबह भारी संख्या में एकत्रित हुए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र जुलूस के रूप में मुख्य हाईवे पर पहुंचे और बीच सड़क पर बैठकर पूरी तरह जाम लगा दिया।
हाईवे जाम होने के कारण सड़क के दोनों तरफ किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें यात्री बसें, व्यावसायिक ट्रक और निजी वाहन घंटों फंसे रहे।
पुलिस का एक्शन: जिलाध्यक्ष हरीराम गोदारा हिरासत में
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों को समझा-बुझाकर शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने का आग्रह किया, लेकिन छात्र तुरंत चुनाव तिथि घोषित करने की मांग पर अड़े रहे और हाईवे खाली करने से साफ इनकार कर दिया।
स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इस दौरान पुलिस ने NSUI बीकानेर के जिलाध्यक्ष हरीराम गोदारा सहित कई अन्य छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद यातायात सुचारू हो सका। इस घटना के बाद से बीकानेर संभाग भर के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में छात्र राजनीति चरम पर पहुंच गई है।

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