— 2023 से चल रहा था शोषण: गाड़ी में बैठाकर नशीला पदार्थ पिलाया, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर लंबे समय तक करता रहा ब्लैकमेल।
— जोधपुर ले जाकर कोरे कागजों पर लिए साइन: पीड़िता को डरा-धमकाकर जोधपुर ले गया आरोपी; स्टांप पेपर व कागजों पर जबरन करवाए हस्ताक्षर।
— परिजनों को बताई आपबीती: सहमी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर परिजनों को दी घटना की जानकारी, जिसके बाद पहुंचे थाने।
— जसरासर पुलिस ने दर्ज किया केस: बीएनएस (BNS) और पोक्सो (POCSO) एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी।
बीकानेर/जसरासर, 27 जुलाई (सोमवार)। बीकानेर जिले के जसरासर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ विभिन्न संगीन धाराओं सहित पोक्सो एक्ट (POCSO Act) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीकानेर जाते समय गाड़ी में बैठाकर पिलाया नशीला पदार्थ
जसरासर थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2023 में बीकानेर जाने के दौरान एक परिचित युवक ने उसे अपनी गाड़ी में बैठाया था। सफर के दौरान आरोपी ने उसे झांसा देकर नशीला पदार्थ पिला दिया, जिससे वह अचेत हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और धोखे से अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए।
इसके बाद आरोपी लगातार उन फोटो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकियां देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
जोधपुर ले जाकर डराया-धमकाया, स्टांप पेपर पर करवाए हस्ताक्षर
पीड़िता का आरोप है कि हाल ही में आरोपी उसे डरा-धमकाकर जोधपुर ले गया। वहां उसने पीड़िता को डराकर कुछ स्टांप पेपरों और कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर (Signatures) करवा लिए। आरोपी के चंगुल से छूटने और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने आखिरकार परिजनों को पूरी आपबीती बताई।
बीएनएस और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज
परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता जसरासर थाने पहुंची और लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाने के साथ-साथ कानूनी अनुसंधान में जुट गई है।

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