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श्रीडूंगरगढ़ से सूरत तक फैला फर्जी 'आंगड़िया पेढ़ी' ठगी का नेटवर्क; 65 लाख के नकली बंडलों के बाद सूरत में 40 लाख की वारदात का पर्दाफाश, बीकानेर के 5 शातिर गिरफ्तार

India-1stNews



​— अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़: श्रीडूंगरगढ़ में 65 लाख के रद्दी नोटों के जखीरे के बाद अब सूरत की महीधरपुरा पुलिस ने दबोचे बीकानेर के 5 ठग।

— सूरत पुलिस ने 35 लाख किए बरामद: 40 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस निरीक्षक डी.यू. बारड़ की टीम को मिली बड़ी सफलता।

— कम कमीशन का देते थे लालच: फर्जी 'भावेश आंगड़िया पेढ़ी' बनाकर व्यापारियों को जाल में फंसाता था यह बीकाणा गिरोह।

— ऊपर-नीचे असली नोट, बीच में रद्दी: बेंगलुरु में व्यापारी के दामाद को थमाए रद्दी कागजों के बंडल; सूरत में असली 40 लाख लेकर हुए थे फरार।

​बीकानेर/सूरत, 2 जुलाई (गुरुवार)। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में बीते 23 जून को पुलिस द्वारा पकड़े गए 65 लाख रुपये के नकली नोटों (ऊपर-नीचे असली और बीच में कागज के टुकड़े) के जखीरे के तार अब अंतरराज्यीय ठगी के बड़े नेटवर्क से जुड़ गए हैं। गुजरात की सूरत (महीधरपुरा) पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक ऐसी ही हूबहू वारदात को अंजाम देने वाले बीकानेर जिले के 5 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने सूरत के एक व्यापारी से 40 लाख रुपये की ठगी की थी, जिसमें से पुलिस ने 35 लाख रुपये की रिकवरी कर ली है।

​सूरत पुलिस की गिरफ्त में आए बीकानेर के ये 5 आरोपी:

​महीधरपुरा (सूरत) पुलिस के पुलिस निरीक्षक डी.यू. बारड़ ने बताया कि व्यापारी के साथ सुनियोजित षड्यंत्र रचकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के जिन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी बीकानेर जिले के रहने वाले हैं:

  1. ​खेतरपाल शर्मा (21 वर्ष), निवासी— लूणकरणसर, बीकानेर।
  2. ​शिवशंकर गोदारा (24 वर्ष), निवासी— लूणकरणसर, बीकानेर।
  3. ​सांवरदास स्वामी (26 वर्ष), निवासी— लूणकरणसर, बीकानेर।
  4. ​हरिकिशन शर्मा (32 वर्ष), निवासी— श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर।
  5. ​माणेकचंद शर्मा (29 वर्ष), निवासी— हेमासर, बीकानेर।

​कम कमीशन पर 'आंगड़िया' सर्विस का झांसा और बेंगलुरु में जाल

​महीधरपुरा पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने सूरत के बड़े व्यापारी महेंद्र शाह को अपना शिकार बनाया। महेंद्र शाह को बेंगलुरु में रहने वाले अपने दामाद राहुल को 40 लाख रुपये भेजने थे। इसका पता चलते ही आरोपियों ने अपनी फर्जी फर्म 'भावेश आंगड़िया पेढ़ी' के नाम से बेहद कम कमीशन पर तुरंत भुगतान ट्रांसफर करने का झांसा देकर महेंद्र शाह को विश्वास में ले लिया।

​योजना के मुताबिक, 19 जून को आरोपियों ने व्यापारी के दामाद राहुल को बेंगलुरु के चिकपेट इलाके में बुलाया और ठीक उसी समय सूरत में महेंद्र शाह को महीधरपुरा के भवानीवड़ इलाके में नकदी देने के लिए कहा। बेंगलुरु में गिरोह के दो सदस्यों ने सड़क पर ही राहुल को नोटों के 8 बंडल से भरा एक बैग थमा दिया। भीड़भाड़ और हड़बड़ी के कारण राहुल ने नोट गिने बिना ही सूरत में अपने ससुर महेंद्र शाह को फोन कर दिया कि "रुपये मिल गए हैं।" फोन आते ही सूरत में खड़े खेतरपाल और उसके साथियों ने महेंद्र शाह से असली 40 लाख रुपये नकद लिए और पलक झपकते ही फरार हो गए।

​घर जाकर बंडल खोले तो उड़े होश, बंद मिले मोबाइल

​इधर, जब राहुल बेंगलुरु में नोटों का बैग लेकर अपने घर पहुंचा और गिनती के लिए बंडल निकाले, तो उसके होश उड़ गए। शातिरों ने हूबहू श्रीडूंगरगढ़ जैसी तरकीब अपनाई थी— नोटों के प्रत्येक बंडल में सिर्फ ऊपर और नीचे के दो नोट असली थे, जबकि बीच में हूबहू साइज के रद्दी कागज के टुकड़े सेट किए हुए थे।

​ठगी का अहसास होते ही सूरत में महेंद्र शाह ने कथित 'भावेश आंगड़िया पेढ़ी' के ठिकानों पर पड़ताल की, तो पता चला कि इस नाम की कोई फर्म ही नहीं है और आरोपियों के सभी मोबाइल नंबर भी तुरंत बंद आ रहे थे।

​सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से दबोचा, 35 लाख बरामद

​पीडि़त व्यापारी ने तुरंत महीधरपुरा थाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस निरीक्षक डी.यू. बारड़ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने भवानीवड़ इलाके के दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और बंद हुए मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल (CDR) तथा तकनीकी इनपुट के आधार पर जाल बिछाया।

​सूरत पुलिस ने सबसे पहले खेतरपाल, शिवशंकर और सांवरदास को दबोचा। इनकी कड़ाई से पूछताछ के बाद इस साजिश के मास्टरमाइंड हरिकिशन (निवासी श्रीडूंगरगढ़) और माणेकचंद (निवासी हेमासर) की लिप्तता सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उन्हें भी धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से ठगी के 35 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। शेष 5 लाख रुपये और इस गिरोह के तार श्रीडूंगरगढ़ में पकड़े गए ओमप्रकाश जाट व महेंद्र उर्फ मनोज गोदारा (65 लाख के नकली नोटों के आरोपी) से किस हद तक जुड़े हैं, इस संबंध में आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।

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