— बड़ी चोरी का खुलासा नहीं: गंगाशहर थाना इलाके के सुजानदेसर स्थित एक बंद मकान में पिछले माह हुई 70 लाख रुपये के जेवरात की चोरी के मामले में एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
— पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने सिर्फ औपचारिकता निभाते हुए सीसीटीवी खंगाले और एफआईआर दर्ज कर हाथ पर हाथ धर कर बैठ गई।
— क्या था मामला: पीड़िता रेणु गहलोत (पत्नी स्व. दिनेश गहलोत) ने 24 जुलाई को अपने बेटे के साथ दौसा जाने से पहले घर की देखभाल की जिम्मेदारी एक जानकार को सौंपी थी, जिसने 28 जुलाई को घर के ताले टूटने की सूचना दी थी। घर लौटने पर अलमारियों में रखे करीब 70 लाख रुपये के जेवरात गायब मिले थे।
— सतर्कता की कमी: पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर पुलिस शुरुआत से ही इस मामले में गंभीरता दिखाती, तो चोरों का सुराग लग सकता था, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण अभी तक न तो चोर पकड़े गए हैं और न ही माल बरामद हुआ है।
बीकानेर, 21 अगस्त 2026। बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुजानदेसर इलाके में पिछले माह हुई लाखों रुपए की चोरी की एक बड़ी वारदात का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। घटना के एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार में पुलिस की कार्यशैली को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुजानदेसर की हनुमान वाटिका (बाबा रामदेव मंदिर रोड) निवासी रेणु गहलोत ने गंगाशहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह गत 24 जुलाई को अपने बेटे के साथ दौसा गई हुई थीं। घर में एक पालतू कुत्ता था, जिसे घुमाने और खाना खिलाने की जिम्मेदारी उन्होंने अपने एक जानकार मनीष को सौंपी थी।
28 जुलाई को मनीष ने फोन कर उन्हें सूचना दी कि घर के अंदर के ताले टूटे हुए हैं। अगले दिन बीकानेर पहुंचकर जब पीड़िता ने घर संभाला, तो पाया कि घर के ताले टूटे हुए थे और अलमारियों में रखे करीब 70 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात गायब थे। इस संबंध में तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मामला दर्ज कर लिया।
पीड़ित परिवार का आरोप और पुलिस की निष्क्रियता
घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा किसी प्रकार का ठोस सुराग नहीं जुटाए जाने से पीड़ित परिवार बेहद आहत है। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस ने शुरूआती दिनों में ही तत्परता और गंभीरता दिखाई होती, तो इस सनसनीखेज चोरी का पर्दाफाश हो चुका होता। लेकिन, पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते चोरों के हौसले बुलंद हैं और वे कानून की पकड़ से दूर हैं। अब इलाके के लोगों ने पुलिस उच्चाधिकारियों से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने और चोरों को गिरफ्तार कर माल बरामद करने की मांग की है।

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