— सीएमएचओ के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया औचक निरीक्षण।
— बिना रजिस्ट्रेशन चल रही थीं लैब: पुरानी गजनेर रोड व भुट्टों के चौराहे के पास स्थित 3 लैब में मिलीं रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस से जुड़ी गंभीर कमियां।
— इन लैब पर गिरी गाज: 'वर्षा लेबोरेट्री एंड डायग्नोस्टिक सेंटर', 'वासु लैब' और 'गुड केयर पैथोलॉजी लैब' में जांच कार्य तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश।
— नियम पूरे होने तक सेवाएं रहेंगी ठप: सीएमएचओ ने स्पष्ट किया— आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद ही दोबारा शुरू हो सकेंगी लैब।
बीकानेर, 08 अगस्त। बीकानेर जिले में आमजन को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के सख्त पालन के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने बीकानेर शहर की तीन प्रमुख डायग्नोस्टिक लैब का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण दल में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीकानेर) डॉ. सुनील जैन तथा जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण शामिल रहे।
रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने पर लिया गया कड़ा एक्शन
निरीक्षण दल द्वारा एसडीएम जिला अस्पताल व पुरानी गजनेर रोड के पास स्थित 'वर्षा लेबोरेट्री एंड डायग्नोस्टिक सेंटर', 'वासु लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर' तथा भुट्टों के चौराहे के पास स्थित 'गुड केयर पैथोलॉजी लैब' का गहनता से निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान जब लैब संचालकों से क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) प्रमाण-पत्र, लाइसेंस व अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, तो भारी अनियमितताएं पाई गईं। जांच में पाया गया कि किसी लैब के पास वैध पंजीकरण ही नहीं था तो किसी का रजिस्ट्रेशन खत्म (Expired) हो चुका था। इसके अलावा मानक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल से जुड़ी कई अन्य कमियां भी उजागर हुईं।
तत्काल प्रभाव से लैब बंद करने के निर्देश, जिलेभर में जारी रहेगी कार्रवाई
कमियां पाए जाने पर सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों डायग्नोस्टिक लैब संचालकों को तत्काल प्रभाव से सभी प्रकार की जांच सेवाएं बंद करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक आवश्यक दस्तावेज व नियम पूरे नहीं होते, तब तक सेवाएं शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डॉ. पुखराज साध ने बताया कि जिले में आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की इस सख्ती का सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है और अब रोजाना कई लैब संचालक पंजीकरण के लिए आवेदन कर रहे हैं। उन्होंने सभी लैब संचालकों से नियमानुसार रजिस्ट्रेशन कराकर ही संचालन करने की अपील की।


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