Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर पीबीएम में फिर प्रसूता की मौैत, सीनियर डॉक्टरों पर लगाया गंभीर लापरवाही और रिकॉर्ड में फेरबदल का आरोप!

India-1stNews



​— गंभीर आरोप और शिकायत: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में उपचार के दौरान सरदारशहर (चूरू) निवासी प्रसूता अनुपमा मीणा की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, तथा मृतका के पति आनंद मीणा ने सदर थाने में लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

रेसिडेंट डॉक्टर के भरोसे इलाज: पति का आरोप है कि एक्लेम्पसिया से पीड़ित होने के बावजूद सामान्य प्रसव कराया गया और पूरा इलाज मुख्य रूप से रेसिडेंट डॉक्टर डॉ. ज्योति के भरोसे ही चलाया गया, जबकि वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया।

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सरदारशहर (चूरू) की मीणा कॉलोनी निवासी आनंद मीणा (25) ने रविवार को सदर थाना, बीकानेर में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, आनंद मीणा की पत्नी अनुपमा मीणा गर्भवती थीं और प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें पहले सरदारशहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच के दौरान उनका रक्तचाप अधिक पाया गया और गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद 11 अगस्त को उन्हें पीबीएम अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति विभाग की डॉ. कमलेश यादव की यूनिट में भर्ती कराया गया।

​पति का आरोप है कि भर्ती के बाद प्रसव तक चिकित्सकों द्वारा उनकी पत्नी की स्थिति सामान्य बताई जाती रही, लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर उचित उपचार और चिकित्सकीय प्रबंधन नहीं किया गया। मृतका को सरदारशहर सरकारी अस्पताल से एक्लेम्पसिया की समस्या के कारण पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन इसके बावजूद 14 अगस्त को दोपहर प्रसव के दौरान उनकी हालत बेहद गंभीर होने पर भी नॉर्मल डिलीवरी करा दी गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद रेसिडेंट चिकित्सक डॉ. ज्योति से कई बार वरिष्ठ चिकित्सकों को बुलाकर आवश्यक उपचार कराने का आग्रह किया, लेकिन विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पारूल प्रकाश, डॉ. कमलेश यादव और डॉ. वंदना सोनी मौके पर नहीं पहुंचे और पूरा इलाज केवल रेसिडेंट डॉक्टर के भरोसे ही चलता रहा।

​बाद में महिला को आईसीयू में भर्ती कर उपचार और विभिन्न जांच की गईं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ और उपचार के दौरान 23 अगस्त को आईसीयू में उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर सही इलाज न मिलने से उनकी जान चली गई और अस्पताल प्रशासन पर रिकॉर्ड में फेरबदल करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। परिजनों द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना-पत्र दिए जाने पर एक बोर्ड का गठन किया गया, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही प्रसूता की मौत हुई, उसी वक्त डॉ. पारुल प्रकाश रिकॉर्ड उठाकर ले गईं और परिजनों से कहा गया कि रिकॉर्ड कल मिलेगा जब ऑफिस खुलेगा। फिलहाल शिकायत में लगाए गए चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति पुलिस जांच, मेडिकल रिकॉर्ड और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Post a Comment

0 Comments

📰 India First News — विज्ञापन एवं न्यूज़ देने के लिए संपर्क करें: 8562008562
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement