— BDA की सख्त कार्रवाई: बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) ने रानी बाजार स्थित 'होटल शौर्य 3.0' के संचालन और भवन निर्माण को लेकर नवनिर्वाचित कांग्रेसी पार्षद मनोज बिश्नोई को अंतिम नोटिस जारी किया है।
— दस्तावेजों की मांग: नोटिस में उल्लेख किया गया है कि गत 9 फरवरी को नोटिस जारी करने के बावजूद 6 महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी व्यावसायिक गतिविधियों और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, जिसके लिए अब 2 दिन का अंतिम समय दिया गया है।
— राजनीतिक हलचल: महापौर चुनाव और पार्षदों की बाड़ेबंदी के बीच आए इस नोटिस के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं; वहीं पार्षद मनोज बिश्नोई ने इसे राजनीतिक दबाव करार देते हुए एकजुट रहने का दावा किया है।
बीकानेर: नगर निगम के महापौर चुनाव और राजनीतिक जोड़-तोड़ के बीच बीकानेर की सियासत में एक नया मोड़ आ गया है। वार्ड 35 से नवनिर्वाचित कांग्रेसी पार्षद और मेयर चुनाव की सरगर्मी के बीच सक्रिय माने जा रहे मनोज बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) ने उनके होटल संचालन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतिम नोटिस थमाया है।
होटल शौर्य 3.0 के दस्तावेजों को लेकर अल्टीमेटम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानी बाजार क्षेत्र में संचालित होटल शौर्य 3.0 के भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों की वैधता को लेकर BDA द्वारा यह कार्रवाई की गई है। BDA उपायुक्त कुणाल राहड़ के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी इस अंतिम नोटिस में बताया गया है कि इससे पहले इसी साल 9 फरवरी को भी नोटिस जारी किया गया था।
विभाग का कहना है कि छह महीने से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी होटल संचालक की ओर से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। अब प्राधिकरण ने पार्षद को मात्र 2 दिन का अंतिम समय देते हुए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष तमाम वैध दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजनीतिक दबाव का आरोप, बाड़ेबंदी पर टिकी निगाहें
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक दबाव के तहत की जा रही है और वे इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी पार्षद एकजुट हैं और नगर निगम में कांग्रेस का ही बोर्ड बनेगा।
सूत्रों के मुताबिक, पार्षद मनोज बिश्नोई वर्तमान में कई निर्दलीय पार्षदों के संपर्क में हैं और कुछ निर्दलीयों को कांग्रेस की बाड़ेबंदी (रिजॉर्ट पॉलिटिक्स) में शामिल करवाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में महापौर चुनाव से ठीक पहले आए इस नोटिस को राजनीतिक षड्यंत्र के रूप में भी देखा जा रहा है। फिलहाल, दो दिन की समय सीमा समाप्त होने के बाद BDA के अगले कदम और राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


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