— हाईकोर्ट की विशेष सुनवाई: रविवार रात करीब 10:30 बजे अवकाश के दिन राजस्थान हाईकोर्ट के दरवाजे खोले गए और जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने वार्ड 18 से निर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद की याचिका पर विशेष सुनवाई की।
— गिरफ्तारी पर रोक: करीब दो महीने पुरानी एफआईआर और पुलिस नोटिस के बाद गिरफ्तारी की आशंका के चलते दाखिल की गई इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।
— कानूनी पक्ष: वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य और अधिवक्ता कौशल गौतम के माध्यम से पैरवी करते हुए कोर्ट में मामले की तात्कालिकता रखी गई, जिससे सोमवार को होने वाले बीकानेर मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस खेमे को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
बीकानेर/जोधपुर: बीकानेर नगर निगम के महापौर पद के चुनाव से ठीक पहले राजस्थान हाईकोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है। रविवार देर रात जोधपुर मुख्य पीठ में छुट्टी के दिन अनूठी प्रशासनिक तस्वीर देखने को मिली, जब रात करीब 10 बजे हाईकोर्ट के दरवाजे खोलकर पार्षद मकसूद अहमद की याचिका पर आपातकालीन सुनवाई की गई। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए बड़ी राहत दी है।
रविवार रात 10 बजे खुली अदालत, विशेष बेंच का गठन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीकानेर नगर निगम के वार्ड 18 से नवनिर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद को पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका सता रही थी। मामला करीब दो महीने पुरानी एक एफआईआर से जुड़ा हुआ है, जिसमें 15 सितंबर को उन्हें पुलिस नोटिस जारी किया गया था। अहमद की ओर से 20 सितंबर को उसका जवाब भी दिया जा चुका था, लेकिन ऐन चुनाव से पहले गिरफ्तारी के अंदेशे को देखते हुए रविवार शाम को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
मामले की तात्कालिकता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य पीठ में विशेष बेंच का गठन किया गया। जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने छुट्टी के दिन रात करीब 10:30 बजे सुनवाई शुरू की।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की पैरवी, कोर्ट ने दी अंतरिम राहत
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य और अधिवक्ता कौशल गौतम ने अदालत के समक्ष मामले की पूरी पृष्ठभूमि रखी। उन्होंने पुलिस नोटिस, समयावधि और अचानक पैदा हुई गिरफ्तारी की आशंका से कोर्ट को अवगत कराया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस सुनील बेनीवाल की बेंच ने मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए पार्षद मकसूद अहमद को अंतरिम राहत प्रदान की और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
इस अदालती फैसले को बीकानेर के राजनीतिक गलियारों में और खास तौर पर कांग्रेस खेमे के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि आज (सोमवार) ही बीकानेर नगर निगम के नए महापौर का चुनाव होना है।

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