– मजदूरों के उड़े होश: ट्रैक्टर से समतल की जा रही थी जमीन, तभी फंसा प्लास्टिक का बोरा; खोलकर देखा तो निकलीं SLR की गोलियां
– रहस्य गहराया: आखिर कौन और कब छिपा गया इतना बड़ा एम्युनिशन? जंग लगने से खराब हो चुके हैं राउंड, पुलिस ने शुरू की जांच
बीकानेर/महाजन, 10 जनवरी (शनिवार)।बीकानेर जिले के महाजन (Mahajan) कस्बे में शनिवार को एक अस्पताल परिसर में चल रही खुदाई के दौरान हड़कंप मच गया। यहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में निर्माण कार्य के दौरान जमीन के नीचे से 1100 से ज्यादा जिंदा कारतूस (Live Cartridges) बरामद हुए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में कारतूस मिलने से मौके पर मौजूद मजदूरों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जखीरे को अपने कब्जे में ले लिया है। अब बड़ा सवाल यह है कि कारतूसों से भरा यह थैला कौन और कब यहां छिपाकर गया था?
ट्रैक्टर अटका तो खुला राज
महाजन थानाधिकारी भजनलाल ने बताया कि अस्पताल परिसर में जमीन को समतल करने का काम चल रहा था।
- घटनाक्रम: ट्रैक्टर चालक जमीन समतल कर रहा था, तभी ट्रैक्टर के आगे कुछ अटकने लगा। मजदूरों ने जाकर देखा तो जमीन में एक प्लास्टिक का छोटा बोरा (कट्टा) फंसा हुआ था।
- पहले लगा कीलें हैं: मजदूरों को पहले लगा कि इसमें लोहे की कीलें हैं, लेकिन जब कट्टे को खोलकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसमें भारी मात्रा में जिंदा कारतूस भरे हुए थे।
SLR के हैं राउंड, जंग लगने से हुए खराब
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद कारतूस एसएलआर (SLR - Self Loading Rifle/Revolver) के हैं।
- स्थिति: पुलिस के अनुसार, ये कारतूस काफी पुराने लग रहे हैं। लंबे समय से जमीन में दबे होने और नमी के कारण इन पर जंग (Rust) लग चुकी है और ये खराब हो चुके हैं।
- संख्या: कारतूसों की कुल संख्या करीब 1100 बताई जा रही है।
जांच का विषय: आर्मी एरिया या तस्कर?
महाजन क्षेत्र के पास ही आर्मी की फील्ड फायरिंग रेंज भी है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या ये कारतूस सेना के हैं जो किसी ने यहां छिपा दिए थे, या फिर यह किसी तस्कर गिरोह का काम है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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