– स्वामी विवेकानंद जयंती पर पहल: बारह गुवाड़ स्कूल की छात्राओं ने समझा पुलिस का कामकाज; सीओ सिटी अनुज ढाल ने किया संवाद
– साइबर सेफ्टी क्लास: 'मोबाइल सुविधाजनक है पर खतरनाक भी', किसी को न बताएं OTP; पॉक्सो और जेजे एक्ट की मिली जानकारी
बीकानेर, 12 जनवरी (सोमवार)।आम तौर पर थाने का नाम सुनते ही जहन में डर या संकोच आता है, लेकिन सोमवार को बीकानेर के नया शहर थाने का नजारा बदला हुआ था। मौका था स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) का। इस अवसर पर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बारह गुवाड़ की छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण पर थाने पहुंचीं।
यहां छात्राओं ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से देखा, बल्कि पुलिस अधिकारियों से सीधा संवाद कर अपने मन की जिज्ञासाओं को भी शांत किया।
कैसे दर्ज होती है FIR, क्या है हेल्प डेस्क?
छात्राओं को थाने की रोजमर्रा की गतिविधियों से रूबरू कराया गया।
- प्रक्रिया: उन्हें बताया गया कि एफआईआर (FIR) कैसे दर्ज की जाती है।
- सुविधाएं: थाने में बनी महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली समझाई गई ताकि जरूरत पड़ने पर वे बेझिझक मदद मांग सकें।
- संवाद: इस दौरान सीओ सिटी अनुज ढाल ने छात्राओं से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया।
सीआई का गुरुमंत्र: 'निडर बनो, पुलिस दोस्त है'
नया शहर थानाधिकारी (CI) कविता पूनिया ने छात्राओं को एक बड़े बहन और मेंटर की तरह समझाया।
- जागरूकता: उन्होंने छात्राओं को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), जेजे एक्ट (JJ Act) और महिला संबंधी अपराधों के बारे में जानकारी दी।
- सामाजिक बुराइयां: सीआई ने नशा, दहेज, रूढ़िवादिता और लिंगभेद के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए छात्राओं को आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस का काम आम जनता की सुरक्षा करना है। आप निडर बनें।"
मोबाइल: सुविधा या खतरा?
आज के दौर में सबसे बड़े खतरे 'साइबर क्राइम' पर विशेष चर्चा हुई।
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सावधानी: सीआई ने कहा कि मोबाइल जितना सुविधाजनक है, उतना ही खतरनाक भी है।
- किसी को भी अपना OTP न बताएं।
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक या लॉगइन न करें।
- संगत: उन्होंने अंत में कहा कि अच्छे लोगों से दोस्ती करें ताकि आप बुराइयों से बच सकें और अपने माता-पिता व स्कूल का नाम रोशन कर सकें।

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