– एसपी ऑफिस पहुंचा प्रेमी युगल: चूरू के नेमाराम और पूगल की ममता ने मांगी सुरक्षा; कहा- घरवाले दे रहे हैं जान से मारने की धमकी
– 6 जनवरी को की थी शादी: जोधपुर के आर्य समाज मंदिर में लिए थे सात फेरे; शादी के बाद से ही दहशत में है जोड़ा
बीकानेर।गले में वरमाला, मांग में सिंदूर, लेकिन आंखों में सुहाग की खुशी की जगह 'मौत का डर'... यह मंजर था सोमवार को बीकानेर एसपी ऑफिस का। यहाँ एक नवविवाहित जोड़ा सुरक्षा की गुहार लगाने नहीं, बल्कि अपनी 'सांसें' मांगने आया था।
यह कहानी है चूरू के बेनाथा जोगलिया गांव के नेमाराम और बीकानेर के रेतीले धोरों (पूगल) की ममता की।
3 साल का इश्क और एक फैसला
कहते हैं सरहदों पर पहरे होते हैं, लेकिन दिलों पर नहीं। नेमाराम और ममता पिछले तीन साल से एक-दूसरे के प्यार में थे। दोस्ती कब इश्क में बदल गई, पता ही नहीं चला। लेकिन उन्हें पता था कि जाति और समाज की दीवारें उनके प्यार को कभी मंज़ूर नहीं करेंगी।
आखिरकार, दोनों ने बगावत का रास्ता चुना। 6 जनवरी को दोनों जोधपुर पहुंचे। वहां आर्य समाज मंदिर में अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और हमेशा के लिए एक-दूजे के हो गए। उन्हें लगा था कि शादी के बाद संघर्ष खत्म हो जाएगा, लेकिन असली इम्तिहान तो अब शुरू हुआ था।
जब रक्षक ही बन गए भक्षक
शादी की खबर जैसे ही ममता के परिजनों को लगी, वे आगबबूला हो गए। जो घरवाले कल तक ममता की खुशी की दुआ मांगते थे, आज वही उसकी जान के दुश्मन बन बैठे।
नेमाराम ने एसपी ऑफिस में दर्द बयां करते हुए कहा, "साहब! हमने अपनी मर्जी से शादी की है, लेकिन अब हमें लगता है कि हमारा बचना मुश्किल है। ममता के घरवाले हमें ढूंढ रहे हैं, वे हमें मार देंगे।" डर का आलम यह है कि नेमाराम के परिवार को भी धमकियां मिल रही हैं।
सिस्टम से आस
हाथों में शादी के प्रमाण पत्र और चेहरे पर खौफ लिए यह जोड़ा अब खाकी की शरण में है। उन्होंने बीकानेर एसपी को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा मांगी है। पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच और सुरक्षा का भरोसा दिया है।
अब देखना यह है कि क्या कानून का हाथ इस प्यार को 'ऑनर किलिंग' जैसी किसी अनहोनी से बचा पाएगा? फिलहाल, यह जोड़ा छिपते-छिपाते अपने ही प्यार की कीमत चुकाने को मजबूर है।

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