Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर में पारिवारिक जंग का खूनी अंत: आधी रात को चली गोलियां; पेट में गोली लगने से बाबूलाल गंभीर, पीबीएम रेफर

India-1stNews



​— रिश्तों के बीच खूनी संग्राम: नोखा के केड़ली गांव में रविवार देर रात आपसी रंजिश और घरेलू विवाद में अपनों ने ही अपनों पर तानी बंदूकें; इलाके में फैली भारी सनसनी।

पेट में धंसी गोली: फायरिंग के दौरान अचानक चली गोली बाबूलाल जाट के पेट को चीरती हुई निकली; लहुलूहान हालत में चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण।

नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश: सूचना मिलते ही नोखा सीओ जरनैल सिंह और थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे; घटनास्थल को विधिक घेरे में लिया।

बीकानेर, 15 जून (सोमवार)। बीकानेर जिले के नोखा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केड़ली गांव में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात पारिवारिक रंजिश और जमीनी या घरेलू विवाद ने एक खौफनाक और हिंसक रूप ले लिया। यहाँ एक ही परिवार के कुछ सदस्यों के बीच शुरू हुई तकरार इतनी उग्र हो गई कि लाठी-सरियों की विधिक मर्यादा लांघकर सीधे बंदूकें तन गईं। इस अंधाधुंध विधिक फायरिंग के दौरान एक गोली बाबूलाल जाट नाम के व्यक्ति के पेट में जा धंसी, जिससे वे मौके पर ही लहुलूहान होकर गिर पड़े।

​वारदात के बाद पूरे केड़ली गांव में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया है। गंभीर हालत में घायल को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के आपातकालीन वॉर्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

देर रात शुरू हुई थी कहासुनी, तैश में आकर निकाल लिया हथियार

​नोखा थाना पुलिस से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी खूनी वारदात रविवार देर रात की है। केड़ली गांव में रहने वाले बाबूलाल जाट का अपने ही परिवार के कुछ करीबी विधिक शरीकेदारों (रिश्तेदारों) के साथ किसी पुरानी बात या संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।

  • विवाद ने पकड़ा तूल: रविवार रात को इसी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और उनके बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई।
  • सीधे पेट को किया टारगेट: देखते ही देखते दोनों पक्षों के युवक तैश में आ गए और बात नियंत्रण से बाहर हो गई। इसी दौरान विरोधी पक्ष के एक आरोपी ने अपनी जेब से अवैध हथियार (कट्टा/पिस्तौल) निकाला और बाबूलाल को विधिक रूप से टारगेट करते हुए सीधे फायरिंग कर दी। गोली सीधे बाबूलाल के पेट में लगी और वे पेट पकड़कर जमीन पर बैठ गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

नोखा से बीकानेर पीबीएम रैफर, क्रिटिकल केयर में चल रहा है विधिक उपचार

​बाबूलाल को तड़पता देख रोते-बिलखते परिजन और ग्रामीण उन्हें अपनी निजी गाड़ी में डालकर तुरंत नोखा के उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टरों ने प्राथमिक विधिक उपचार करते हुए खून बहने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन गोली पेट के आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचाते हुए भीतर ही धंसी होने के कारण उनकी क्रिटिकल स्थिति को देखते हुए सर्जंस ने उन्हें तुरंत संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल, बीकानेर के लिए रैफर कर दिया।

​पीबीएम के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की एक विशेष विंग मुकेश बिश्नोई फायरिंग केस की तरह ही बाबूलाल जाट के पेट का विधिक ऑपरेशन कर गोली बाहर निकालने और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के क्लिनिकल अनुसंधान में जुटी हुई है।

सीओ जरनैल सिंह व सीआई अरविंद भारद्वाज ने संभाला मोर्चा, साक्ष्य जुटाने में जुटी FSL

​रिहायशी ग्रामीण इलाके में सरेराह हुई इस विधिक फायरिंग की सूचना मिलते ही नोखा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नोखा वृत्ताधिकारी (CO) जरनैल सिंह एवं नोखा थानाधिकारी (CI) अरविंद भारद्वाज तुरंत भारी पुलिस जाब्ते और क्यूआरटी (QRT) के साथ रात को ही केड़ली गांव पहुंचे।

​पुलिस अधिकारियों ने वारदात स्थल का बारीकी से विधिक निरीक्षण किया और सुरक्षा के लिहाज से वहां पुलिस पिकेट तैनात कर दी। पुलिस की एक विशेष फॉरेंसिक (FSL) टीम को भी मौके पर बुलवाया गया है, जिसने घटनास्थल से खाली कारतूस के खोके, खून के नमूने और अन्य विधिक व डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं।

​प्रारंभिक विधिक जांच में थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला गहरे पारिवारिक और जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर जानलेवा हमले (BNS की धारा 109) और आर्म्स एक्ट के तहत विधिक मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पूरे नोखा और जसरासर बेल्ट में सघन नाकेबंदी करवा दी है।

Post a Comment

0 Comments