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रेल हादसा: मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बाद मची भगदड़, बीकानेर की बिरमा देवी सहित 4 यात्रियों की कटकर मौत

India-1stNews



​— अफवाह ने ली जान: झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर ट्रैक पर खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में मची थी भगदड़; जान बचाने को पटरी पर उतरे यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आए।

महाजन क्षेत्र में पसरा मातम: घेसूरा गांव की 60 वर्षीय बिरमा देवी गोस्वामी के रूप में हुई मृतका की शिनाख्त; पीहर रघुनाथपुरा के रिश्तेदारों संग गई थीं तीर्थ यात्रा पर।

शाम तक गांव पहुंचेगा पार्थिव देह: मुरैना जिले में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद ससुराल और पीहर पक्ष में चीख-पुकार; ढांढस बंधाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण।

बीकानेर, 15 जून (सोमवार)। ​उत्तर मध्य रेलवे के झांसी रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर रविवार शाम एक खौफनाक और दिल दहला देने वाला ट्रेन हादसा सामने आया है। चलती ट्रेन के भीतर 'मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने' की एक झूठी अफवाह के बाद घबराए यात्री अपनी जान बचाने के लिए रेलवे ट्रैक पर कूद गए। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार दूसरी ट्रेन ने पटरियों पर खड़े यात्रियों को बेरहमी से रौंद डाला।

​इस भीषण विधिक हादसे में तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे सहित कुल 4 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बीकानेर जिले के महाजन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घेसूरा गांव की एक बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। सोमवार शाम तक मृतका का पार्थिव शरीर पैतृक गांव घेसूरा पहुंचने की विधिक संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

चैन पुलिंग के बाद रुकी थी इंटरसिटी, 'आग-आग' के शोर से फैली दहशत

​उत्तर मध्य रेलवे प्रबंधन और झांसी रेल मंडल से प्राप्त आधिकारिक विधिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी हृदयविदारक घटना रविवार शाम करीब 4:15 बजे घटित हुई। गाड़ी संख्या 19665 (खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस) अपने निर्धारित रूट पर चल रही थी, तभी हेतमपुर और धौलपुर रेलवे स्टेशन के बीच अज्ञात यात्रियों द्वारा अचानक 'चैन पुलिंग' (अपातकालीन ब्रेक) करने से ट्रेन मिड-सेक्शन में खड़ी हो गई।

​ट्रेन के रुकते ही किसी बोगी के भीतर किसी यात्री का मोबाइल ओवरहीट होने या फटने की विधिक अफवाह फैल गई। देखते ही देखते पूरी ट्रेन में "आग लग गई, ट्रेन ब्लास्ट होने वाली है" का शोर मच गया। बोगियों के भीतर बैठे यात्री घबराहट और बदहवासी में खिड़कियों और दरवाजों से नीचे रेलवे ट्रैक पर कूदने लगे।

पीहर वालों के साथ तीर्थ यात्रा पर निकली थीं बिरमा देवी, मुरैना में काल का ग्रास बनीं

​हादसे का शिकार हुई बीकानेर की महिला की विधिक पहचान बिरमा देवी (उम्र 60 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय गिरधारी गिरी गोस्वामी, निवासी— घेसूरा (महाजन), बीकानेर के रूप में सुनिश्चित की गई है।

​पारिवारिक विधिक सूत्रों के अनुसार, बिरमा देवी कुछ दिन पहले महाजन के ही पास स्थित अपने पीहर रघुनाथपुरा गई हुई थीं। वहां से वे अपने पीहर पक्ष के रिश्तेदारों, सगे-संबंधियों और अन्य ग्रामीण महिलाओं के साथ देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की तीर्थ यात्रा पर निकली थीं। रविवार शाम को उनकी ट्रेन जैसे ही मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की विधिक सीमा से गुजर रही थी, तभी इस अमानवीय अफवाह के कारण वे भी अन्य यात्रियों के साथ नीचे पटरी पर उतर गईं और सामने से आ रही डाउन-लाइन की दूसरी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गईं।

15 साल पहले सड़क हादसे में छिना था सुहाग, संघर्ष कर पाला था 4 बेटियों को

​घेसूरा गांव के स्थानीय ग्रामीणों ने रोते हुए बताया कि बिरमा देवी का पूरा जीवन संघर्ष की एक विधिक गाथा रहा है। उनके पति गिरधारी गिरी गोस्वामी (गुसाई) का आज से करीब 15 वर्ष पूर्व एक भीषण सड़क हादसे में असामयिक निधन हो गया था। पति की मौत के समय घर की आर्थिक स्थिति बेहद जर्जर थी। बिरमा देवी के कोई बेटा नहीं था, लेकिन उन्होंने घुटने टेकने के बजाय मजदूरी और संघर्ष के बल पर अपनी चारों बेटियों का पालन-पोषण किया और उन्हें विधिक रूप से सामाजिक जीवन में स्थापित किया।

​आज जब बेटियां अपनी मां को सुख देने के विधिक योग्य हुईं, तो नियति ने इस क्रूर अफवाह के माध्यम से मां को भी हमेशा के लिए छीन लिया। बिरमा देवी की चारों बेटियां इस हादसे के बाद पूरी तरह बेसहारा और अनाथ हो गई हैं।

ससुराल-पीहर में कोहराम, अंतिम संस्कार की विधिक तैयारियां शुरू

​रविवार देर रात जैसे ही मध्य प्रदेश पुलिस और रेलवे प्रशासन के जरिए हादसे की विधिक सूचना महाजन के घेसूरा गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र के चूल्हे ठंडे हो गए। मृतका की चारों बेटियां, दामाद और पीहर रघुनाथपुरा के परिजन रोते-बिलखते हुए घेसूरा पहुंच चुके हैं। कलेक्ट्रेट और रेलवे विंग के आपसी समन्वय से बिरमा देवी के विधिक शव का पोस्टमार्टम मुरैना जिला अस्पताल में करवाकर पार्थिव देह को एम्बुलेंस के जरिए बीकानेर के लिए रवाना कर दिया गया है।

​सोमवार शाम तक शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद विधिक सनातन रीति-रिवाज के अनुसार घेसूरा के मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वर्तमान में बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने उनके निवास स्थान पर डटे हुए हैं।


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