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एसीबी की बड़ी स्ट्राइक: बीकानेर स्पेशल यूनिट ने पटवारी को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

India-1stNews



​— रंगे हाथों गिरफ्तारी: रिड़मलसर (श्रीगंगानगर) में तैनात पटवारी अंकुश कुमार रिश्वत की पहली किश्त लेते मौके पर ही ट्रैप; एसीबी की कार्रवाई से मचा हड़कंप।

खाता विभाजन के नाम पर उगाही: परिवादी सुखदेव सिंह से पैतृक मुरब्बे के संयुक्त खाते को अलग करने के बदले मांगी जा रही थी मोटी रकम।

निरीक्षक इंद्र कुमार का नेतृत्व: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) बीकानेर की स्पेशल यूनिट ने शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल, घूसखोर पटवारी चित।

बीकानेर, 2 जून (मंगलवार)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल यूनिट बीकानेर ने मंगलवार को सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में एक बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने रिड़मलसर क्षेत्र में जाल बिछाकर वहां तैनात एक घूसखोर राजस्व पटवारी को परिवादी से 50 हजार रुपए की नकद रिश्वत लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी संयुक्त खाते के विधिक विभाजन (खाता म्यूटेशन/बंटवारा) की फाइल आगे बढ़ाने के बदले परिवादी से कुल एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था।

​एसीबी की इस औचक कार्रवाई के बाद श्रीगंगानगर और बीकानेर संभाग के राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है।

पदमपुर का निवासी है आरोपी पटवारी, रिड़मलसर में था तैनात

​एसीबी अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी पटवारी की पहचान अंकुश कुमार (उम्र 31 वर्ष) पुत्र निवासी— 8 ईईए, तहसील पदमपुर (श्रीगंगानगर) के रूप में हुई है। आरोपी अंकुश कुमार वर्तमान में श्रीगंगानगर के पटवार हल्का 68 एलएनपी, रिड़मलसर में राजस्व पटवारी के पद पर कार्यरत है।

मुरब्बा संख्या 35 के बंटवारे के नाम पर सुखदेव सिंह से मांगी थी घूस

​इस पूरी कार्रवाई को लेकर परिवादी सुखदेव सिंह ने बीकानेर एसीबी की स्पेशल यूनिट को एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में सुखदेव सिंह ने बताया था कि चक 68 एलएनपी स्थित उनकी मुरब्बा संख्या 35 की कृषि भूमि का संयुक्त खाता बना हुआ है। इस संयुक्त खाते का नियमानुसार खाता विभाजन (बंटवारा) कराने और अलग खाता खोलने की विधिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए जब वे पटवारी अंकुश कुमार से मिले, तो आरोपी ने काम करने के बदले एक लाख रुपए के रिश्वत की मांग रख दी। परिवादी रिश्वत देने का इच्छुक नहीं था, इसलिए उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मामले की शिकायत सीधे एसीबी को सौंप दी।

शिकायत का हुआ सीक्रेट सत्यापन, पहली किश्त लेते ही दबोचा

​लिखित शिकायत मिलने के बाद बीकानेर स्पेशल यूनिट के उच्चाधिकारियों ने गोपनीय तरीके से आरोपी पटवारी के खिलाफ मांग का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि तकनीकी रूप से प्रमाणित हो गई। आरोप सही पाए जाने पर एसीबी की टीम ने त्वरित ट्रैप कार्रवाई की पुख्ता योजना बनाई।

​मंगलवार को निर्धारित रणनीति के तहत परिवादी सुखदेव सिंह को केमिकल लगे नोटों के साथ आरोपी पटवारी अंकुश कुमार के पास भेजा गया। रिड़मलसर स्थित तय ठिकाने पर जैसे ही पटवारी अंकुश कुमार ने परिवादी से रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए की नकदी स्वीकार की, वैसे ही आस-पास सादा कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। एसीबी की टीम ने जब आरोपी के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की विधिक पुष्टि हो गई।

निरीक्षक इन्द्र कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई, आवास की तलाशी शुरू

​यह पूरी सफल ट्रैप कार्रवाई बीकानेर स्पेशल यूनिट के पुलिस निरीक्षक इन्द्र कुमार के कुशल नेतृत्व में गठित टीम द्वारा संपन्न की गई है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी पटवारी को आधिकारिक हिरासत में ले लिया है।

​एसीबी की एक अन्य टीम आरोपी अंकुश कुमार के पदमपुर स्थित पैतृक आवास और अन्य ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति तथा अन्य संदिग्ध दस्तावेजों की खोज के लिए सर्च (तलाशी) अभियान चला रही है। आरोपी को बुधवार को बीकानेर की विशेष एसीबी अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

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