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बीकानेर में महा-वज्रपात: पिता की हार्ट अटैक से मौत का सदमा नहीं सह सकी 22 वर्षीय बेटी; शव घर पहुंचते ही तालाब में कूदकर दी जान, एक साथ उठीं दो अर्थियां

India-1stNews



​— बज्जू क्षेत्र के चक 3 बीजीएएम (ए) की हृदयविदारक घटना: निर्माणाधीन मकान में अचेत मिले थे पतराम गोदारा; डॉक्टरों ने घोषित किया था मृत।

पिता का शव देखते ही लगा गहरा आघात: ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर की छात्रा ऋतु गोदारा ने घर के पास बने पोंड में लगा दी छलांग; बचाने दौड़े ग्रामीण लेकिन टूट चुकी थी सांसें।

पूरा गांव रो पड़ा: उप जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंपे; पिता-पुत्री का एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार।

बीकानेर, 16 जून (मंगलवार)। बीकानेर जिले के बज्जू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चक 3 बीजीएएम (ए) गांव से एक अत्यंत दुखद, दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ नियति ने एक ही परिवार पर ऐसा क्रूर प्रहार किया है जिससे पूरे क्षेत्र के चूल्हे ठंडे हो गए हैं। अचानक हार्ट अटैक आने से पिता की हुई असामयिक मृत्यु का सदमा एक इकलौती तड़पती हुई बेटी बर्दाश्त नहीं कर सकी।

​जैसे ही पिता का शव घर के आंगन में पहुंचा, 22 वर्षीय बेटी ने गहरे अवसाद और आघात में आकर खेत में बने पानी के पोंड (तालाब) में छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया। ग्रामीणों ने उसे तुरंत बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मंगलवार दोपहर बाद पैतृक मोक्षधाम में पिता और बेटी का एक साथ, एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जिसे देख श्मशान घाट पर मौजूद हर आंख नम हो गई।

सुबह निर्माणाधीन मकान में अचेत मिले थे पतराम, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

​मृतक के भतीजे पवन गोदारा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके चाचा पतराम गोदारा सोमवार शाम को बज्जू कस्बे में स्थित अपने एक निर्माणाधीन मकान पर काम देखने और विधिक/प्रशासनिक व्यवस्थाएं संभालने गए थे। रात अधिक हो जाने के कारण वे घर वापस नहीं लौटे और उसी निर्माणाधीन मकान के कमरे में सो गए थे।

​मंगलवार सुबह करीब 9:00 बजे पड़ोसियों और मजदूरों ने पवन गोदारा को सूचना दी कि पतराम मकान के भीतर अचेत (बेहोश) अवस्था में पड़े हैं। सूचना मिलते ही पवन गोदारा और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें आनन-फानन में बज्जू के उप जिला अस्पताल लेकर गए। वहां आपातकालीन वॉर्ड के डॉक्टरों ने गहन क्लिनिकल परीक्षण के बाद पतराम को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के आधार पर मौत का तात्कालिक कारण साइलेंट हार्ट अटैक (हृदय गति रुकना) बताया है।

घर में कोहराम के बीच ढांढस तोड़ गई बेटी, दौड़कर तालाब में लगाई छलांग

​भतीजे पवन गोदारा ने बताया कि चाचा पतराम गोदारा की अचानक हुई मौत की खबर जैसे ही चक 3 बीजीएएम (ए) स्थित उनके पैतृक निवास पहुंची, पूरे कुनबे और ढाणी में चीख-पुकार मच गई। सुबह करीब 11:00 बजे जब एम्बुलेंस के जरिए पतराम का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए घर के आंगन में लाकर रखा गया, तो कोहराम और बढ़ गया।

​पिता की लाडली और ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर की छात्रा ऋतु गोदारा (उम्र 22 वर्ष) अपने पिता के निर्जीव शरीर को देखकर पूरी तरह बदहवास हो गई। वह इस भयंकर सदमे और मानसिक आघात को संभाल नहीं पाई। परिजनों का ध्यान चूकते ही वह रोती-बिलखती हुई घर के ठीक बाहर की तरफ दौड़ी और खेत में सिंचाई के लिए बने गहरे पानी के पोंड (तालाब) में सीधे छलांग लगा दी।

ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया, पर डॉक्टरों ने कहा— 'ब्रॉट डेड'

​ऋतु को तालाब की तरफ भागते और कूदते देख वहां मौजूद परिजन और सैकड़ों ग्रामीण चिल्लाते हुए तालाब की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पानी में गोता लगाया और महज कुछ ही मिनटों में ऋतु को पानी से बाहर निकाल लिया।

​परिजन उसे अचेत हालत में लेकर तुरंत वापस बज्जू के सरकारी उप जिला हॉस्पिटल भागे। लेकिन पानी फेफड़ों में भर जाने और गहरे शॉक के कारण डॉक्टरों ने जांच के बाद ऋतु को भी मृत (Brought Dead) घोषित कर दिया। दो घंटे के भीतर एक ही हंसते-खेलते परिवार के दो विधिक सदस्यों की असमय मौत से अस्पताल परिसर विलाप स्थली में तब्दील हो गया।

एक साथ हुआ पिता-पुत्री का अंतिम संस्कार, बज्जू पुलिस ने दर्ज की मर्ग

​घटना की सूचना मिलते ही बज्जू थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर हादसे का मर्ग दर्ज किया। बज्जू उप जिला अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा दोनों शवों का पोस्टमार्टम संपन्न कराने के बाद दोपहर बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।

​जब गांव में एक साथ पिता पतराम गोदारा और बेटी ऋतु गोदारा की अर्थियां उठीं, तो वहां मौजूद हजारों ग्रामीणों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। गांव के मोक्षधाम में दोनों का एक ही वेदी पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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