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बीकानेर मर्डर मिस्ट्री का 24 घंटे में पर्दाफाश: लिव-इन पार्टनर ही निकला बाली का कातिल; झाड़ियों में शव फेंककर रचता रहा गुमराह करने का ड्रामा, हुआ गिरफ्तार

India-1stNews



​— खौफनाक स्क्रिप्ट: 5-7 दिन पहले हुए झगड़े का बदला लेने के लिए रची थी साजिश; मृतका को अत्यधिक शराब पिलाकर ईंट और लात-घूसों से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट.

पुलिस को गुमराह करने का नाटक: हत्या के बाद शव को घसीटकर वन विभाग की झाड़ियों में छुपाया; सुबह मृतका के बेटे और ग्रामीणों के सामने खुद ही 'बाली बाई' को ढूंढने का स्वांग रचता रहा.

कोटा DST का विशेष सहयोग: मोबाइल बंद कर पीहर की तरफ भाग रहे शातिर हत्यारे फूलचंद भील को कोटा पुलिस की मदद से किया डिटेन; मनोवैज्ञानिक पूछताछ में उगला राज.

बीकानेर, 4 जून (गुरुवार)। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह बीदासर रोड स्थित वन विभाग की भूमि पर एक अज्ञात महिला का अर्धनग्न अवस्था में शव मिलने से फैली सनसनी के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। महिला की हत्या की खौफनाक स्क्रिप्ट किसी और ने नहीं, बल्कि उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे शातिर पार्टनर ने ही लिखी थी।

​रेंज आईजी ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के कड़े निर्देशों के तहत श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने कोटा शहर की जिला विशेष टीम (DST) के साथ एक संयुक्त कॉर्डिनेशन ऑपरेशन चलाकर मुख्य आरोपी को धरदबोचा है।

फॉरेस्ट लैंड में मिला था अर्धनग्न शव, आला अधिकारियों ने संभाला था मोर्चा

​घटनाक्रम के अनुसार, गत 2 जून 2026 की सुबह करीब 8:00 बजे श्रीडूंगरगढ़ पुलिस को टेलीफोन के जरिए सूचना मिली थी कि बीदासर जाने वाली सड़क पर वन विभाग की जमीन की झाड़ियों में एक महिला का अर्धनग्न शव संदिग्ध हालत में पड़ा है। सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी श्री कश्यप सिंह (पुलिस निरीक्षक) मय जाब्ते के तुरंत मौके पर पहुंचे।

​प्रथम दृष्टया मामला निर्मम हत्या का प्रतीत होने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारीलाल मीणा और श्रीडूंगरगढ़ वृत्ताधिकारी (CO) निकेत कुमार ने घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया। मृतका की शिनाख्तगी और कातिल की खोज के लिए पुलिस की अलग-अलग विशेष विंग और टीमों का गठन किया गया।

झालावाड़ की बाली बाई के रूप में हुई शिनाख्त, 'गायब' पार्टनर पर घूमी सुई

​पुलिस टीमों की त्वरित भागदौड़ के बाद मृतका की पहचान श्रीमती बाली बाई उर्फ भाली बाई (उम्र 35 वर्ष) पत्नी बालचंद भील, निवासी— उमरिया, थाना भालता, जिला झालावाड़ के रूप में हुई। तफ्तीश में सामने आया कि बाली बाई यहाँ श्रीडूंगरगढ़ में अपने साथी फूलचंद भील के साथ मजदूरी का काम करती थी और दोनों लिव-इन में रहते थे।

​घटना के बाद से ही फूलचंद अचानक श्रीडूंगरगढ़ से गायब था। जब पुलिस ने उसके बारे में तकनीकी इनपुट जुटाए, तो उसके झालावाड़-कोटा रूट की तरफ भागने की पुख्ता जानकारी मिली। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने तुरंत कोटा शहर पुलिस से संपर्क साधा और संदिग्ध की तस्वीरें व पहचान साझा कर सहयोग मांगा। कोटा शहर DST प्रभारी उपनिरीक्षक रोहित कुमार की टीम ने तत्परता दिखाते हुए नाकाबंदी कर संदिग्ध फूलचंद भील को कोटा बॉर्डर के पास दबोच (डिटेन कर) लिया।

शातिर दिमाग कातिल: हत्या कर खुद ही ढूंढने का करता रहा नाटक

​गिरफ्तारी के बाद शुरुआत में आरोपी फूलचंद बेहद शातिरता दिखाते हुए पुलिस को चकमा देता रहा और घटना से पूरी तरह अनभिज्ञता जताता रहा। लेकिन जब बीकानेर पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों को सामने रखकर मनोवैज्ञानिक और कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में हत्या का जो कारण सामने आया वह बेहद चौंकाने वाला था:

  • पुरानी रंजिश और मारपीट का बदला: आरोपी फूलचंद और बाली बाई के बीच पहले भी कई बार झगड़े हो चुके थे। करीब 5-7 दिन पहले उनके किराए के मकान पर दोनों में भयंकर विवाद हुआ था, जिसमें बाली बाई ने फूलचंद की पिटाई कर दी थी और उसे सामान्य चोटें आई थीं। इसी बात से फूलचंद मन ही मन रंजिश पाले बैठा था और उसने बदला लेने की पूर्व नियोजित योजना बनाई।
  • जबरन शराब पिलाकर उतारा मौत के घाट: योजना के तहत 1 जून 2026 की शाम फूलचंद ने खुद भी भारी मात्रा में शराब का सेवन किया और बाली बाई को भी अत्यधिक शराब पिलाकर पूरी तरह नशे की हालत में ला दिया। इसके बाद उसने आपा खोकर बाली बाई के सिर पर भारी ईंट से वार किया और लात-घूसों से बेरहमी से मारपीट की। सिर और पेट में आई गंभीर आंतरिक चोटों के कारण बाली बाई ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
  • बेटे को किया गुमराह, सुबह हुआ फरार: हत्या करने के बाद आरोपी ने बाली बाई के शव को घसीटा और साक्ष्य छुपाने के लिए वन विभाग की कंटीली झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह शातिर हत्यारा वापस लौट आया और किसी को शक न हो, इसलिए बाली बाई के पुत्र व आस-पास के लोगों के सामने नाटक करने लगा कि 'बाली बाई अचानक कहीं गुम हो गई है' और उसे खुद ढूंढने का ढोंग रचा। रात बीतने के बाद सुबह वह यह कहकर अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार हो गया कि 'वह बाली बाई को ढूंढने उसके पीहर कोटा की तरफ जा रहा है'।

आरोपी आधिकारिक रूप से गिरफ्तार, आगे का अनुसंधान जारी

​श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने झालावाड़ के थाना घाटोली अंतर्गत ग्राम असलपुर निवासी मुख्य आरोपी फूलचंद भील (उम्र 47 वर्ष) पुत्र गिरधारीलाल भील के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने का जुर्म पूरी तरह प्रमाणित पाए जाने पर उसे विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी, जिसके दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई ईंट और उसके खून से सने कपड़े बरामद किए जाएंगे।

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