— बड़ा एक्शन: आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के 'लड्डू प्रसादम' में मिलावटी घी सप्लाई से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बीकानेर में धमाकेदार एंट्री।
— कोयला गली में हड़कंप: बुधवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी ED की टीम सीधे घी व्यापारिक फर्म 'मोहनलाल आशीष कुमार अग्रवाल' के दफ्तर पहुंची और विधिक दस्तावेज खंगालना शुरू किए।
— कोटगेट पुलिस को लौटाया: रेड की भनक लगते ही मौके पर पहुंची स्थानीय कोटगेट थाना पुलिस को ED के अधिकारियों ने बिना हस्तक्षेप किए वापस भेजा।
बीकानेर, 3 जून (बुधवार)। देशभर में भारी सियासी और धार्मिक तूल पकड़ चुके आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर (तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम - TTD) के लड्डू प्रसादम घी मिलावट विवाद के तार अब सीधे मरुधरा के बीकानेर संभाग से जुड़ गए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने बुधवार सुबह बीकानेर शहर के व्यस्ततम कोटगेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोयला गली में स्थित एक बड़े घी व्यापारी के ठिकानों पर अचानक छापेमारी (रेड) कर पूरे राजस्थान के व्यापारिक जगत में सनसनी फैला दी है।
यह कार्रवाई तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लिए बड़े पैमाने पर की गई घी की सप्लाई और उसमें वित्तीय हेराफेरी (मनी लॉन्ड्रिंग) के एंगल को देखते हुए की जा रही है।
सुबह-सुबह कोयला गली पहुंची ED की विंग, खंगाले जा रहे हैं टेंडर दस्तावेज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ED के दिल्ली और क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों की संयुक्त टीम सुरक्षा बल के साथ बुधवार सुबह कोटगेट के कोयला गली स्थित 'मोहनलाल आशीष कुमार अग्रवाल' नाम की फर्म के मुख्य कार्यालय पहुंची। जांच एजेंसी ने आते ही पूरे ऑफिस को अपने घेरे में ले लिया और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर एंट्री-एग्जिट बैन कर दी।
शुरुआती इनपुट के अनुसार, इस फर्म ने तिरुपति देवस्थानम (TTD) को लड्डू बनाने के लिए भारी मात्रा में घी की सप्लाई की थी। ED की टीम मुख्य रूप से सप्लाई के लिए मिले टेंडर्स, भुगतान के बैंकिंग ट्रांजैक्शंस, घी की खरीद-फरोख्त के बिल और पिछले 5 वर्षों के विधिक टर्नओवर के दस्तावेजों की गहनता से स्क्रूटनी (जांच) कर रही है।
कोटगेट पुलिस पहुंची तो ED ने कहा— "नो इंटरफेरेंस, आप वापस जाएं"
इलाके में अचानक केंद्रीय एजेंसी की इतनी बड़ी छापेमारी की सूचना जैसे ही स्थानीय कोटगेट थाना पुलिस को मिली, तो थानाधिकारी पुलिस जाब्ते के साथ कानून व्यवस्था संभालने के लिए कोयला गली स्थित अग्रवाल के ऑफिस के बाहर पहुंचे।
हालांकि, मौके पर मौजूद ED के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को स्पष्ट कर दिया कि यह उनकी केंद्रीय स्तर की पूरी तरह से गोपनीय और स्वतंत्र विधिक कार्रवाई है और उन्हें स्थानीय पुलिस की सहायता की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद ED के अधिकारियों ने कोटगेट पुलिस टीम को मौके से ससम्मान वापस भेज दिया।
साढ़े चार महीने पहले इनकम टैक्स (IT) की भी हो चुकी है रेड
इस व्यापारिक फर्म के रिकॉर्ड्स खंगालने पर एक और बड़ा पहलू सामने आया है। 'मोहनलाल आशीष कुमार अग्रवाल' फर्म के इसी दफ्तर पर आज से करीब साढ़े चार महीने पहले यानी 15 जनवरी 2026 को भारत सरकार के आयकर विभाग (Income Tax) की टीमों ने भी बड़ी रेड की थी। उस समय भी फर्म के बही-खातों और अघोषित संपत्ति को लेकर लंबी जांच चली थी। अब उसी फर्म पर ED का शिकंजा कसने से कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच एजेंसियों को कोई बड़ा वित्तीय लिंक हाथ लगा है।
क्या है पूरा तिरुपति लड्डू घी विवाद?
- 2022 में शुरू हुई शिकायतें: साल 2022 में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के विश्व प्रसिद्ध लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता और उसमें पशुओं की चर्बी/मिलावट होने की कई शिकायतें दर्ज हुई थीं।
- SIT की जांच और ब्लैकलिस्टिंग: मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के बाद TTD ने उत्तराखंड की प्रसिद्ध 'भोलेबाबा डेयरी' को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) कर दिया था।
- नाम बदलकर टेंडर हथियाने का खेल: आरोप है कि ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद भोलेबाबा डेयरी के मालिकों ने कानूनी पेच फंसाकर अन्य सहयोगी डेयरी फर्मों के नाम पर नए टेंडर हासिल कर लिए और तिरुपति में घी की सप्लाई लगातार जारी रखी।
- राडार पर आईं ये डैरियाँ: इन छद्म फर्मों में मुख्य रूप से वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) जैसी बड़ी फर्में शामिल थीं।
- वाईवी सुब्बा रेड्डी का कार्यकाल: जांच एजेंसियों के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर यह पूरा खेल TTD के तत्कालीन चेयरमैन वाईवी सुब्बा रेड्डी के कार्यकाल के दौरान हुआ था, जिसकी अब कड़ियों से कड़ियाँ जोड़कर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच की जा रही है।
बीकानेर के घी व्यापारी मोहनलाल आशीष कुमार अग्रवाल के ठिकानों पर ED की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रहने की संभावना है। अभी तक ED या व्यापारी परिवार की ओर से कोई आधिकारिक विधिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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