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बीकाणा ओनर किलिंग: नाबालिग के परिजनों की बर्बरता का शिकार हुआ युवक जिंदगी की जंग हारा; दुष्कर्म और किडनैपिंग के क्रॉस केस में उलझी कड़ियां

India-1stNews




​— फोन कर जाल में फंसाया: 5 जून की दोपहर 'मेडिकल इमरजेंसी' का हवाला देकर युवक को सुनसान इलाके में बुलाया; घात लगाकर बैठे परिजनों ने किया किडनैप।

पिता के फोन पर आखिरी शब्द: "पापा, कुछ लोग मुझे रस्सी से बांधकर बेरहमी से मार रहे हैं..."; बेहोश होने से ठीक पहले युवक ने किसी तरह पिता को दी थी सूचना।

3 महिलाओं सहित 5 आरोपी जेल में: दो बाल अपचारी भी पूर्व में किए जा चुके हैं निरुद्ध; थानाधिकारी आलोक सिंह ने की मौत की पुष्टि, विधिक कार्रवाई तेज।

क्रॉस केस की पेचीदगी: नाबालिग युवती की ओर से भी मृतक के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज है काउंटर मुकदमा; दोनों पक्षों की कड़ियों को खंगाल रही पुलिस।

बीकानेर/जसरासर, 18 जून (गुरुवार)। बीकानेर जिले के जसरासर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण अंचल में 'मेडिकल इमरजेंसी' के बहाने जाल बिछाकर एक युवक का अपहरण करने और फिर उसकी बर्बरता से पिटाई करने के मामले ने अब एक बेहद खौफनाक और बड़ा रूप ले लिया है। कई दिनों से जोधपुर के एम्स (AIIMS) अस्पताल में वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे कुलदीप  ने बुधवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

​युवक की मौत के बाद बीकानेर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जसरासर थाना पुलिस ने पूर्व में दर्ज जानलेवा हमले और किडनैपिंग के इस मुकदमे में अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) को जोड़कर आरोपियों के खिलाफ विधिक शिकंजा पूरी तरह कस दिया है।

पिता ने खोला राज: मदद के बहाने 'ट्रैप' कर सुनसान इलाके में किया किडनैप

​इस पूरी वारदात की क्रोनोलॉजी और बैकग्राउंड को लेकर मृतक के पिता राजेन्द्र ने पुलिस के सामने बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जिससे ऑनर किलिंग के इस मामले में नया मोड़ आ गया है:

  • फर्जी कॉल से बुलावा: पिता ने बताया कि गत 5 जून की दोपहर उनके बेटे के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को भारी संकट में बताते हुए किसी गंभीर 'मेडिकल इमरजेंसी' का हवाला दिया और लड़के से तुरंत मदद के लिए पहुंचने की गुहार लगाई।
  • सुनसान इलाके में घेराबंदी: इंसानियत के नाते युवक बिना समय गंवाए अपनी मोटरसाइकिल लेकर बताए गए गांव के सुनसान इलाके की तरफ रवाना हो गया। लेकिन वहां कोई इमरजेंसी नहीं थी; बल्कि युवती के परिजन पहले से ही हथियारों के साथ घात लगाए बैठे थे। युवक के पहुंचते ही पूरी गैंग ने उसे धोखे से दबोच लिया।

बेहोश होने से पहले पिता को किया आखिरी फोन— "पापा मुझे रस्सी से बांधकर मार रहे हैं"

​पिता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बदमाशों ने युवक को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और उसे रस्सियों से जकड़कर लाठियों, सरियों और लातों से पीटना शुरू कर दिया। इस बर्बरता के बीच, बेहोश होने और मोबाइल छिनने से ठीक पहले युवक ने किसी तरह पॉकेट से फोन निकालकर अपने पिता का नंबर डायल किया।

​उसने कांपती आवाज में पिता से सिर्फ इतना कहा— "पापा, कुछ लोग मुझे रस्सी से बांधकर यहां बेरहमी से मार रहे हैं..." और इसके ठीक बाद उसका फोन स्विच ऑफ (बंद) हो गया। इस खौफनाक कॉल के आते ही पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत जसरासर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पिता के इनपुट पर पुलिस एक्टिव मोड में आई और भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचकर युवक को अधमरी स्थिति में आरोपियों के चंगुल से छुड़वाया।

नाबालिग युवती ने दर्ज कराया था दुष्कर्म व पोक्सो (POCSO) का क्रॉस केस

​इस पूरे घटनाक्रम में विधिक पेंच उस समय और उलझ गया जब इस खूनी मारपीट के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष (नाबालिग युवती के परिजनों) की ओर से भी मृतक युवक के खिलाफ जसरासर थाने में एक गंभीर क्रॉस मुकदमा दर्ज करवाया गया।

​चूंकि युवती नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने उसकी लिखित रिपोर्ट के आधार पर मृतक युवक के खिलाफ दुष्कर्म, सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग, जान से मारने की धमकी और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत काउंटर केस दर्ज किया था। युवती का आरोप था कि युवक उसे ब्लैकमेल कर उसका देह-शोषण कर रहा था। पुलिस वर्तमान में इस दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के एंगल की भी पूरी गहराई और विधिक साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश कर रही है।

5 आरोपी पहले ही जेल में, अब कोर्ट में बदली जाएगी चार्जशीट

​जसरासर थानाधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि वारदात की भयंकर संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर पूर्व में ही त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जानलेवा हमले में शामिल तीन महिलाओं सहित कुल पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा (जेल) के तहत सलाखों के पीछे हैं। इसके अलावा वारदात में शामिल दो नाबालिगों (बाल अपचारियों) को भी पुलिस ने निरुद्ध कर बाल सुधार गृह भिजवाया था।

​थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चूंकि अब पीड़ित युवक की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए अब इस मुकदमे को मर्डर (हत्या) की धाराओं में बदल दिया गया है। जोधपुर एम्स में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। गांव में दोनों समुदायों के बीच किसी भी प्रकार के संभावित टकराव या तनाव की स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और आरएसी (RAC) की टुकड़ियां तैनात की गई हैं।



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